नागौर जिले के सरासनी गांव में बुधवार को पुलिस और किसानों के बीच लाठीचार्ज-पत्थरबाजी प्रकरण में राजकार्य में बाधा डालने का मुकदमा दर्ज हुआ है। पुलिस ने 27 लाेगाें के खिलाफ नामजद व अन्य 60-70 पुरुषों और 8-10 महिलाओं के खिलाफ राजकार्य में बाधा डालने, ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों से भिड़ने, सार्वजनिक स्थान पर सूखी घास में आगजनी करने, सरकारी गाड़ी के शीशे तोड़ने, सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने का दोषी पाया है। रोल थाने में एसएचओ मुकेश चंद्र ने रिपोर्ट दर्ज करवाई है। रिपोर्ट में लिखा है कि डेह निवासी अनिल बारूपाल, सरासनी निवासी हरिराम, हनुमान राम, शिवराम, पुरखा राम, ओमप्रकाश, सरवन, सलेंद्र सिंह, जगदीश नाथ, रविंद्र, बस्ती राम, मनोहर शर्मा, कमल, नत्थू राम, ओमप्रकाश, रतन, प्रकाश शर्मा, अमुड़ी, शोभा, रामुड़ी, संपूड़ी, घीसा राम, बलदेव राम, परदीप, मोहन नाथ, नरपत और हरेंद्र समेत करीब 60-70 पुरूष व 8-10 महिलाएं मौके पर जमा थे। अनिल बारूपाल समेत नामजद आरोपियों ने भीड़ को बार-बार उकसाया। जायल डीएसपी, नागौर सदर थानाधिकारी समेत पुलिसकर्मियों ने समझाइश का प्रयास किया। लेकिन नामजद लोगों के साथ धरनार्थियों ने पुलिस बल के साथ धक्का-मुक्की करते हुए पत्थर फेंकने शुरू कर दिए और नाडी के किनारे खड़ी सूखी घास व झाड़ियों में आग लगा दी। पुलिस ने खदेड़ा तो इन लोगों ने पुलिस की गाड़ियों पर पत्थर मारे। मामले की जांच जायल सीआई मुकेश कुमार वर्मा कर रहे हैं।


