सर्दियों में 35% तक बढ़ जाता है हार्ट अटैक:ठंड में दिल की सुरक्षा के लिए विशेषज्ञ उपाय जानें

सर्दियों का मौसम आते ही हृदय संबंधी बीमारियों, जैसे अचानक हृदयाघात (सडन कार्डियक अरेस्ट) और स्ट्रोक की घटनाओं में वृद्धि देखी जाती है। वैज्ञानिक अध्ययनों के अनुसार, ठंड बढ़ने के साथ हृदयाघात और स्ट्रोक के मामले लगभग 30 से 35 प्रतिशत तक बढ़ जाते हैं।
तापमान में गिरावट हृदय पर अतिरिक्त दबाव डालती है, जिसे समझना और समय पर नियंत्रित करना महत्वपूर्ण है। चर्बी बढ़ाती है परेशानी
ठंड के मौसम में शरीर अपनी गर्मी बनाए रखने के लिए रक्त नलिकाओं को सिकोड़ देता है, जिसे चिकित्सकीय भाषा में ‘वैसो-कंस्ट्रिक्शन’ कहते हैं। इस प्रक्रिया से रक्तचाप बढ़ जाता है और हृदय को रक्त पंप करने के लिए अधिक बल लगाना पड़ता है। जिन व्यक्तियों की धमनियों में पहले से ही चर्बी (प्लाक) जमी होती है, उन पर यह अतिरिक्त दबाव प्लाक की पतली परत को फाड़ सकता है। सर्दियों में खून गाढ़ा होने से बढ़ जाती है समस्या
प्लाक फटने के परिणामस्वरूप उसी स्थान पर खून का थक्का बन जाता है, जो रक्त नली को पूरी तरह अवरुद्ध कर देता है और हृदयाघात का कारण बनता है।
सीपीआर नोडल अधिकारी डॉ. शुभम पाटीदार ने बताया कि सर्दियों में पसीना कम आने और पानी का सेवन घटने से खून गाढ़ा हो जाता है। इससे प्लेटलेट्स अधिक सक्रिय और चिपचिपे हो जाते हैं, जिससे थक्का बनने की संभावना और बढ़ जाती है। मानसिक तनाव डालता है गलत प्रभाव
इसके अतिरिक्त, धूप की कमी से विटामिन-डी का स्तर गिरना, वायु प्रदूषण में वृद्धि, श्वसन संक्रमणों का आम होना तथा मानसिक तनाव व अकेलापन भी हृदय स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव डालते हैं। ये सभी कारक मिलकर सर्दियों में हृदय रोगों के जोखिम को बढ़ाते हैं। सुबह के समय बढ़ जाता है खतरा
सुबह का समय हृदयाघात के लिए सबसे अधिक जोखिम भरा माना जाता है। सुबह 5 से 9 बजे के बीच रक्तचाप में अचानक वृद्धि होती है, तनाव हार्मोन अपने उच्चतम स्तर पर होते हैं और ठंडी हवा रक्त नलिकाओं को और अधिक सिकोड़ देती है। इन्हीं कारणों से सर्दियों में सुबह के समय हृदयाघात का खतरा दो से तीन गुना तक बढ़ जाता है। लोगों द्वारा की जाने वाली खतरनाक गलतियां
अक्सर सीने में दबाव, जलन, भारीपन या सांस फूलने को गैस या सर्दी मानकर नजरअंदाज कर दिया जाता है। कई लोग सर्दियों में स्वयं ही हृदय, रक्तचाप या शुगर की दवाइयाँ कम या बंद कर देते हैं। बहुत ठंड में सुबह-सुबह टहलना, पानी कम पीना और सर्दियों में अत्यधिक तला-भुना, मीठा या भारी भोजन करना भी हृदयाघात के जोखिम को कई गुना बढ़ा देता है। सर्दियों में दिल सुरक्षित रखने के सरल लेकिन अत्यंत आवश्यक विशेषज्ञ उपाय

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *