गुरमीत लूथरा | अमृतसर श्री गुरु नानक देव जी के प्रकाश पर्व के मौके पर 4 नवंबर 25 को जत्थे के साथ गई सर्बजीत कौर को भारत वापस भेजने की बजाय उनके वीजा में बढ़ाने की तैयारी चल रही है। ऐसा संकेत पाकिस्तान के गृह राज्य मंत्री मोहम्मद तलाल चौधरी ने दिया है। उन्होंने साफ किया है कि नासिर हुसैन से निकाह करने के बाद इस्लाम कबूल कर सर्बजीत कौर से नूर फातिमा हुसैन बनी सर्बजीत के वीजा में बढ़ाने पर मंथन किया जा रहा है। इस पर जल्द ही फैसला लिया जा सकता है। क्योंकि सर्बजीत संबंधी केस लाहौर हाईकोर्ट में विचाराधीन है, इसलिए कोर्ट का भी फैसला होने तक पाक सरकार उसकी वतन वापसी का आदेश नहीं दे सकता है। गौर हो कि सर्बजीत ने वतन वापसी पर भारत में जान को खतरा होने की आशंका के चलते अदालत से पाकिस्तान में पनाह देने की याचिका भी दायर की हुई है। याचिका में सर्बजीत ने यह भी तर्क दिया है कि भारत में अल्पसंख्यक मुसलमान समुदाय की जीवन अत्याचारों से भरा है। सर्बजीत को महिलाओं के आसरा घर दार-उल-अमन लाहौर में रखा गया है, जहां उसकी नियमित डाक्टरी जांच जारी है। सर्बजीत के वकील अली चंगेजी संधू ने बताया कि सर्बजीत का मामला लाहौर हाईकोर्ट में पेंडिंग है। फिलहाल पाक गृहमंत्रालय की ओर से सर्बजीत को देश निकाले के लिए आवश्यक विशेष इजाजत और एक्जिट परमिट जारी करने पर अस्थायी तौर से रोक लगा दी गई है। गौर हो कि जनवरी 2026 की शुरुआत के पहले दिन ही उसे वापस स्वदेश भेजने की तैयारी कर ली गई थी, लाहौर की पुलिस उसे पाक की वाघा सीमा पर लाई भी थी, लेकिन ऐन मौके पर उसकी वतन वापसी टल गई थी।


