सलूंबर में राजस्थान शिक्षक संघ (राष्ट्रीय) उपशाखा द्वारा प्रांत निर्देशानुसार ‘कर्तव्य बोध पखवाड़े’ के अंतर्गत ‘कर्तव्य बोध दिवस’ पर एक दिवसीय विचार संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इस संगोष्ठी में विवेकानंद और नेताजी सुभाष चंद्र बोस के विचारों को आत्मसात कर राष्ट्र निर्माण में शिक्षकों की भूमिका पर विस्तृत चर्चा की गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता उपशाखा अध्यक्ष गजेंद्र चौबीसा ने की। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पूर्व जिला प्रचारक बाबूलाल मीणा मुख्य अतिथि एवं मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहे। अति विशिष्ट अतिथि के रूप में उपशाखा संरक्षक कृष्णकांत पानेरी, विशिष्ट अतिथि के रूप में जिला अध्यक्ष हिमांशु भट्ट और उपशाखा सभा अध्यक्ष रमाकांत सकरावत भी मंच पर मौजूद थे। मुख्य वक्ता बाबूलाल मीणा ने अपने संबोधन में कहा कि राजस्थान शिक्षक संघ (राष्ट्रीय) से जुड़े शिक्षक सदैव राष्ट्रभक्ति की भावना को सर्वोपरि रखते हुए शिक्षा, शिक्षक और शिक्षार्थी के साथ-साथ सामाजिक समरसता के लिए निरंतर कार्य करते हैं। उन्होंने स्वामी विवेकानंद और नेताजी सुभाष चंद्र बोस के जीवन दर्शन से प्रेरणा लेकर उनके विचारों को व्यवहार में उतारने की आवश्यकता पर जोर दिया। मीणा ने संगठन की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए कहा कि शिक्षा के साथ-साथ विद्यार्थियों में चारित्रिक गुणों के विकास में शिक्षक संगठन की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। विचार संगोष्ठी के दौरान मंचासीन अन्य अतिथियों ने भी अपने विचार व्यक्त किए। इस अवसर पर उपशाखा के भामाशाहों का सम्मान एवं स्वागत किया गया। कार्यक्रम अध्यक्ष ने अतिथियों और उपस्थित सदस्यों का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में उपशाखा से जुड़े वरिष्ठ कार्यकर्ताओं सहित संपूर्ण कार्यकारिणी उपस्थित रही। कार्यक्रम का सफल संचालन उपशाखा मंत्री नरेश कुमार चाष्टा ने किया और इसका समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ।


