सलूम्बर जिले में चोरी की बढ़ती वारदातों, सहकारी समितियों में खाद-डीएपी की कमी और केंद्र सरकार द्वारा योजनाओं के नाम बदले जाने के विरोध में जिला कांग्रेस कमेटी सलूम्बर ने प्रशासन को एक ज्ञापन सौंपा है। कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि यदि इन समस्याओं का जल्द समाधान नहीं हुआ तो 31 दिसंबर को जिला स्तरीय आंदोलन किया जाएगा। जिले में रबी फसलों की बुवाई के बीच यूरिया व डीएपी खाद की भारी किल्लत से किसान परेशान हैं। सहकारी समितियों पर पर्याप्त खाद उपलब्ध नहीं होने के कारण किसानों को दर-दर भटकना पड़ रहा है। इस गंभीर समस्या को लेकर जिला कांग्रेस कमेटी सलूम्बर ने जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर शीघ्र समाधान की मांग की है। जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष परमानन्द मेहता (एडवोकेट) ने बताया कि वर्तमान में गेहूं, चना सहित अन्य रबी फसलों की बुवाई चल रही है, लेकिन किसानों को समय पर यूरिया और डीएपी खाद नहीं मिल पा रही है। इससे फसलों को नुकसान होने की आशंका बढ़ गई है। उन्होंने यह भी बताया कि 8 दिसंबर को भी इस समस्या को लेकर ज्ञापन दिया गया था, लेकिन अब तक स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ है। कांग्रेस कमेटी का कहना है कि सलूम्बर जिले की अधिकांश आबादी कृषि पर निर्भर है। खाद की आपूर्ति बाधित होने से किसानों की आजीविका पर सीधा असर पड़ रहा है। यदि सरकारी स्तर पर अतिरिक्त खाद की आपूर्ति शीघ्र सुनिश्चित नहीं की गई तो हालात और बिगड़ सकते हैं। ज्ञापन में यह भी बताया गया कि रबी फसल की बुवाई के समय सहकारी समितियों में यूरिया और डीएपी उपलब्ध नहीं है। किसान सुबह से शाम तक लाइनों में खड़े रहने को मजबूर हैं, लेकिन उन्हें खाद नहीं मिल पा रही है। कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र खाद की आपूर्ति सुनिश्चित नहीं की गई तो किसान आंदोलन के लिए मजबूर होंगे।


