राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देश पर सलूम्बर में स्कूल बसों का औचक निरीक्षण किया गया। सचिव एवं मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट विनीत कुमार और जिला परिवहन अधिकारी विपिन माहेश्वरी ने विभिन्न स्कूलों की बाल वाहिनियों की जांच की। इस निरीक्षण के दौरान बच्चों को ले जाने वाली बसों में कई गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। जांच में एवीएस और लव शिक्षण संस्थान की बसों में क्षमता से अधिक बच्चे पाए गए। कुछ बच्चे खड़े थे, जबकि कई फर्श पर बैठे हुए थे। सचिव कुमार ने इस पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की और बच्चों को तुरंत सुरक्षित बसों में स्थानांतरित करने का निर्देश दिया। कई बाल वाहिनियों के चालकों के पास वैध ड्राइविंग लाइसेंस, परमिट और प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण पत्र नहीं थे। परिवहन विभाग ने मौके पर ही इन वाहनों के चालान काटे और आवश्यक कार्रवाई की। फौजी स्कूल की बसों में निर्धारित पीला रंग नहीं था और न ही उन पर बाल वाहिनी लिखा हुआ था। इसके अतिरिक्त, कई निजी बसें अवैध रूप से स्कूल परिवहन के रूप में संचालित होती पाई गईं। अधिकारियों ने स्कूल प्रबंधन को तत्काल सुधार के निर्देश दिए। सचिव विनीत कुमार ने कहा कि बच्चों की सुरक्षा सर्वोपरि है। उन्होंने परिवहन विभाग को बाल वाहिनियों की नियमित निगरानी के लिए सख्त दिशा-निर्देश दिए। निरीक्षण दल ने अभिभावकों से भी अपील की है कि वे अपने बच्चों को स्कूल भेजने से पहले बाल वाहिनी की सुरक्षा, फिटनेस, स्टाफ के दस्तावेज और ओवरलोडिंग की स्थिति की अनिवार्य रूप से जांच करें।


