सवाई माधोपुर में जल्द ही डेजर्ट सफारी शुरू होने की संभावनाएं प्रबल होती दिखाई दे रही हैं। इसे लेकर जिला कलेक्टर कानाराम गंभीर दिखाई दे रहे हैं। इसी कड़ी में आज रविवार को कलेक्टर कानाराम ने बौंली उपखंड की पैदल ट्रैकिंग कर पूरा सफारी रूट देखा। इस दौरान कलेक्टर ने संभावित सफारी रूट का स्थल निरीक्षण किया। कलेक्टर ने कहा कि बौंली वन क्षेत्र में डेजर्ट सफारी और ट्रैकिंग पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए अत्यंत उपयुक्त है। उन्होंने इसे पर्यावरण संरक्षण और जन सेहत दोनों की दृष्टि से लाभकारी बताया। विशेषज्ञों ने उन्हें जैव विविधता और पर्यटन संभावनाओं की पूरी जानकारी दी। डेजर्ट सफारी प्रोजेक्ट को लेकर कलेक्टर गंभीर सवाई माधोपुर जिले में डेजर्ट सफारी शुरू करने की संभावनाएं दिनों-दिन मजबूत हो रही हैं। जिला कलेक्टर कानाराम इस परियोजना को लेकर विशेष रुचि दिखा रहे हैं। रविवार को उन्होंने बौंली उपखंड का दौरा कर संभावित सफारी क्षेत्र का जायजा लिया। कलेक्टर ने पैदल ट्रैकिंग कर देखा पूरा सफारी रूट कलेक्टर कानाराम DFO सामाजिक वानिकी सुनील कुमार के साथ सुबह पैदल ही बौंली किला वनक्षेत्र में उतरे। उन्होंने गोल से गोठड़ा और नटणी का दाता क्षेत्र तक ट्रैकिंग करते हुए यहां मौजूद प्राकृतिक रेतीले टिब्बों, ढलानों और सफारी के संभावित मार्गों का गहन निरीक्षण किया।इस दौरान वे बौंली किले से होते हुए बौंली कस्बे तक पैदल ही पहुंचे। वन क्षेत्र की जैव विविधता और वन्यजीव गतिविधियां भी परखी गई निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने जंगल में पाई जाने वाली वृक्षों की प्रजातियां, वनस्पति, मिट्टी की प्रकृति और वन्यजीवों के पगमार्कों का भी अध्ययन किया।DFO सुनील कुमार ने उन्हें बौंली वनक्षेत्र की जैव विविधता, वन्यजीव गतिविधियों, पर्यटक आकर्षण और यहां डेजर्ट सफारी विकसित होने की संभावनाओं पर विस्तार से जानकारी दी। पर्यटन विकास के नए अवसर खुलने की उम्मीद प्राकृतिक रेतीले टिब्बे, ऐतिहासिक बौंली किला और वन्यजीवों की मौजूदगी इस क्षेत्र को डेजर्ट सफारी के लिए बेहद उपयुक्त बनाती है। प्रशासन का मानना है कि प्रोजेक्ट शुरू होने पर यहां पर्यटन, रोजगार और स्थानीय अर्थव्यवस्था को नए अवसर मिलेंगे।


