सवाई मानसिंह स्टेडियम:पिता का सम्मान; नाम ‘नौ-शाद’ इसलिए मुशीर-सरफराज का जर्सी नंबर ‘97’

क्रिकेट में दो भाई एक साथ, एक ही टीम में खेल रहे हों और दोनों का ही जर्सी नंबर एक जैसा हो, ऐसा कभी शायद ही देखने को नहीं मिला हो। ये पहला मौका है, जो सवाई मानसिंह स्टेडियम में शुक्रवार को देखने को मिला। विजय हजारे ट्रॉफी के मैच में मुंबई की ओर से खेलते हुए सरफराज और छोटे भाई मुशीर ने 97 नंबर की ही जर्सी पहन रखी थी। फर्क सिर्फ इतना है कि मुशीर की जर्सी के आगे 0 और लगा हुआ था यानी वे 097 नंबर की जर्सी पहने थे। ऐसा इसलिए कि नियम के अनुसार दो खिलाड़ी एक ही नंबर की जर्सी नहीं पहन सकते हैं। दोनों ने शुक्रवार को उत्तराखंड के खिलाफ विजय हजारे ट्रॉफी में मुंबई के लिए खेलते हुए 55-55 रन बनाए और अपनी टीम को जीत दिलाई। फील्डिंग के दौरान मुशीर बाउंड्री लाइन पर खड़े थे तो भास्कर ने उनसे पूछा कि आप दोनों भाई 97 नंबर की ही जर्सी क्यों पहनते हो तो मुशीर ने कहा, ‘हमारे पिताजी का नाम नौशाद है। यह नाम ‘9-7’ की तरह प्रोनाउंस होता है। पिता के सम्मान में हम दोनों भाई 97 नंबर की ही जर्सी पहनकर घरेलू और अंतरराष्ट्रीय स्तर के मैचों में खेलने उतरते हैं।’ पिता की मेहनत से ही यहां तक पहुंचे मुशीर और सरफराज दोनों ही अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेल चुके हैं। मुशीर अंडर-19 वर्ल्ड कप में भी खेले हैं। सरफराज भारत की सीनियर टीम से खेल चुके हैं। खास बात यह है कि दोनों को ही उनके पिता ने ही कोचिंग दी और अंतरराष्ट्रीय स्तर का क्रिकेटर बनाया। पिता के कहने पर ही रखा जर्सी नंबर दोनों ने पिता के कहने पर ही जर्सी नंबर 97 रखा। उनके पिता ने कहा था कि 9 (नौ)-7 (सात) मेरे नाम नौशाद जैसा ही है, इसलिए आप दोनों इसी नंबर की जर्सी पहनकर खेलना है।

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