सवाई मानसिंह स्टेडियम पर राजस्थान यूथ बोर्ड का कब्जा हो गया है। फुटबॉलर मैदान से बाहर हो गए हैं। यूथ बोर्ड को 8 से 12 जनवरी तक ‘राजस्थान यूथ आइकॉन अवॉर्ड’ समारोह आयोजित करना है, लेकिन 3 जनवरी से ही मैदान फुटबॉलर के लिए बंद कर दिया गया है। यहां पर टैंट वगैरह लगाने शुरू कर दिए हैं। यूथ बोर्ड के इस फंक्शन में ज्यादातर कला और संस्कृति के कार्यक्रमों का ही आयोजन होता है। इसके अलावा राजस्थान के यूथ आइकॉन को अवॉर्ड दिए जाएंगे, लेकिन इसके लिए 10 दिन तक फुटबॉलरों को मैदान पर आने की इजाजत नहीं है। जब इस बारे में हमने यूथ बोर्ड के सदस्य सचिव कैलाश पहाड़िया से बात की तो उन्होंने कहा, ‘बड़ा फंक्शन है, 4 दिन तक चलेगा। सीएम भजनलाल भी इस फंक्शन में आएंगे। कला और संस्कृति के साथ-साथ इसमें खो-खो वगैरह खेलों का भी आयोजन होगा।’ इसके लिए फुटबॉल ग्राउंड ही क्यों, पूछने पर उन्होंने कहा, ‘पहले भी यहां फंक्शन होते रहे हैं। आप इस बारे में हमारे अधिकारी नीरज के. पवन से बात कर लीजिए।’ फुटबॉलर्स बोले- फंक्शन कोई सा भी हो, बलि हमारे खेल की
स्टेडियम में सुबह-शाम दोनों समय करीब 80 फुटबॉलर प्रैक्टिस करने आते हैं। भास्कर ने इनसे बात की तो उन्होंने कहा- कभी आईपीएल तो कभी किसी और फंक्शन के बहाने हमेशा हमारे ग्राउंड पर ही सबकी नजर रहती है। आिखर हमारे खेल की ही बलि क्यों चढ़ती है। 10-12 दिन तक हम कहां प्रैक्टिस करेंगे। आईपीएल हो या 26 जनवरी हर बार फुटबॉल मैदान पर कब्जा
आईपीएल और 26 जनवरी पर भी एसएमएस के इस मैदान का यही हाल होता है। इस जगह को कभी पार्किंग बना दिया जाता है या कभी खाने के लिए यहां टैंट लगा दिए जाते हैं। पूर्व डीएफए सचिव अब्दुल जब्बार का कहना है कि इससे कई जगह गड्ढे हो जाते हैं। सुबह 25 और शाम को 40 के करीब खिलाड़ी प्रैक्टिस के लिए आते हैं। 40 साल से कोई इंटरनेशनल फुटबॉलर प्रदेश से नहीं निकला
राजस्थान से बहुत कम फुटबॉलर इंटरनेशनल लेवल पर पहुंचे हैं। यहां के मगन सिंह राजवी 80 के दशक में भारत के लिए फुटबॉल खेलते थे। 40 से ज्यादा साल हो गए हैं, हमारा कोई भी फुटबॉल खिलाड़ी भारत की सीनियर टीम में नहीं खेला है। इसका एक कारण इस तरह की परिस्थितियां भी हैं।


