सवाल पूछा तो मंत्री विजयवर्गीय ने गाली दी:झूले की तरह हिल रहा पुल, सुध लो सरकार; जीतू पटवारी की भगवान राम से तुलना

मध्य प्रदेश की राजनीति, नौकरशाही और अन्य घटनाओं पर चुटीली और खरी बात का वीडियो (VIDEO) देखने के लिए ऊपर क्लिक करें। इन खबरों को आप पढ़ भी सकते हैं। ‘बात खरी है’ मंगलवार से रविवार तक हर सुबह 6 बजे से दैनिक भास्कर ऐप पर मिलेगा। मंत्री से सवाल पूछा को पत्रकार को कहे अपशब्द
मंत्री कैलाश विजयवर्गीय एक बार फिर विवादों में घिर गए हैं। इस बार तो उन्होंने एक पत्रकार को गाली दे डाली। वो भी कैमरे पर। हुआ यूं कि इंदौर में मंत्री कैलाश विजयवर्गीय मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के साथ बैठक के बाद बाहर आए थे। तभी एक पत्रकार ने उनसे पूछा कि अस्पताल में भर्ती मरीजों के परिजन को इलाज में खर्च पैसों का रिफंड अभी तक नहीं मिला है। इस पर मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा- छोड़ो यार, तुम फोकट सवाल मत पूछो। रिपोर्टर ने आपत्ति लेते हुए कहा- यह फोकट सवाल नहीं है। हम वहां होकर आए हैं। इस पर मंत्री विजयवर्गीय ने कहा- क्या @#$%* होकर आए हो तुम। इतना ही नहीं मंत्री जी खुद को सही साबित करने में लग गए। कहने लगे- मैं बिल्कुल सही कह रहा हूं। लेकिन खरी बात ये है कि ये बिल्कुल गलत है। आपके मन में दुख होगा, पीड़ा होगी, गुस्सा होगा.. लेकिन जो शब्द आपने बोले- ये कहीं से जायज नहीं है। मंत्री जी के ऐसे बोल पर विपक्ष भी कूद पड़ा। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि इंदौर में जहरीला पानी पीने से मौत का आंकड़ा 10 हो गया है, लेकिन भाजपा नेताओं की बदतमीजी, बेशर्मी और अहंकार जस का तस बना हुआ है। पटवारी ने मंत्री विजयवर्गीय का इस्तीफा मांगा है। हालांकि मंत्री ने अपने कहे शब्द पर खेद जताया है। उन्होंने कहा कि दुख की अवस्था में मीडिया के एक प्रश्न पर मेरे शब्द गलत निकल गए। इसके लिए मैं खेद प्रकट करता हूं। झूले जैसे हिल रहा पुल, डर-डर कर निकल रहे लोग
धार और खरगोन जिले की बॉर्डर पर नर्मदा नदी पर बना एक पुल किसी झूले की तरह हिल रहा है। जैसे ही कोई वाहन यहां से गुजरता है। पुल हिलने लगता है। मानो डांस कर रहा हो। पुल का यही डांस यहां से गुजरने वालों के लिए डर का सबब बन गया है। ये ब्रिज खलघाट से गुजर रहे नेशनल हाईवे–52 (बॉम्बे–आगरा राष्ट्रीय राजमार्ग) पर बना है। संजय सेतु नाम का ये पुल अब जर्जर हो चुका है। खास बात ये है कि हजारों वाहन यहां से रोजाना निकलते हैं। पुल हिलता देख लोगों की सांसें अटक जाती है। लोग हिलते पुल के वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर शेयर भी कर रहे हैं। हालांकि पुल पर मरम्मत का कार्य किया जा रहा है। लेकिन लोग इसे जुगाड़ बना रहे हैं। पुल की हालत ऐसी है कि चिंता बढ़ गई है। वाहन गुजरते हैं तो कंपन भी होता है। ऐसे में इसके स्थायी समाधान की जरूरत है। पूर्व मंत्री ने भगवान राम से की अपने नेता की तुलना
मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने हाल ही में कहा था- मैं तो वनवास भोग रहा हूं यार..। उनके इस बयान पर राजनीति तेज हो गई है। भाजपा नेता पूछ रहे हैं कि उन्हें किसने और किस बात का वनवास दिया है। इधर, पूर्व मंत्री पीसी शर्मा ने तो जीतू पटवारी की तुलना भगवान राम से कर दी और इशारों में भाजपा का रावण बता दिया। उन्होंने कहा कि वनवास में रहकर भगवान राम ने रावण को मारा था। आज जो परिस्थितियों मध्य प्रदेश में इसी तरह से इंगित कर रही है। पटवारी इसकी सफाई करेंगे। भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा ने पूछा कि पटवारी किस बात का वनवास भोग रहे हैं? उन्होंने कहा कि राम से अपनी तुलना मत करो। राम के पदचिन्हों पर चलने की कोशिश करो। खरी बात ये है कि सियासत की रामायण में जनता ही तय करेगी कि रा‌वण कौन है। जिसका सफाया करना है। मंत्री का छलका दर्द, बोले- मुझे कोई पूछ नहीं रहा
राज्यमंत्री का दर्जा प्राप्त सीताराम आदिवासी का दर्द छलक पड़ा है। उन्होंने कहा कि मैं वर्तमान में मंत्री हूं। इसके बावजूद न तो बैठकों में बुलाया जा रहा और न ही कोई सम्मान दिया जा रहा है। जबकि चुनाव हारे रामनिवास रावत को तवज्जो दी जा रही है। उन्होंने कहा कि रामनिवास रावत किसी पद पर नहीं हैं। इसके बावजूद मुख्यमंत्री, कलेक्टर और प्रभारी मंत्री सभी उन्हें प्राथमिकता दे रहे हैं। समझ नहीं आता कि मुख्यमंत्री बार-बार रामनिवास को तवज्जो क्यों दे रहे हैं, जबकि क्षेत्र में उनकी कोई राजनीतिक हैसियत नहीं है। सीताराम ने आरोप लगाया कि रामनिवास रावत की वजह से पूरे क्षेत्र का माहौल खराब हो रहा है। वे जनता का काम नहीं करते, सिर्फ जमीन के पीछे पड़े रहते हैं। खरी बात ये है कि भाजपा में भी कलह की स्थिति है। सीताराम आदिवासी जैसे कई नेता हैं जो कांग्रेस से आए नेताओं के कारण अपनी ही पार्टी में उपेक्षा झेल रहे हैं और समय-समय पर अपना दर्द बयां करते रहते हैं। ये भी पढ़ें –
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