‘बहुत धूमधाम से शादी हुई थी। शादी के 3 महीने बाद तक सब ठीक था। इसके बाद ससुरालवालों ने अपना रंग दिखाना शुरू किया। अकेले पाकर ससुर और फिर देवर ने बारी-बारी से रेप किया। इसका विरोध किया तो पति ने मुझे दुमका ले जाकर रेडलाइट एरिया में बेच दिया। वहां से किसी तरह बचकर निकली। आज अकेले खुश हूं।’ यह कहानी बिहार के अररिया की प्रतिमा (बदला हुआ नाम) की है। यह सिर्फ अकेले प्रतिमा की ही कहानी नहीं है, ऐसी घटनाएं आए दिन समाज में घट रही है। आज (8 मार्च) अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस है। इस साल का थीम ‘एक्सेलरेटर एक्शन’ है। महिला दिवस पर बिहार-झारखंड की रेप विक्टिम और एसिड अटैक सर्वाइवर की 3 कहानियों को देखिए और पढ़िए… कहानी-1ः ससुर और देवर ने रेप किया, विरोध करने पर पति ने बेच दिया अररिया की प्रतिमा (बदला हुआ नाम) के साथ शादी के नाम पर धोखा हुआ। 2010 में धूमधाम से शादी हुई थी। उनके पापा नहीं थे तो मामा ने रिश्ता पक्का किया था। प्रतिमा ने बताया, ‘शादी के बाद लड़का अपने घर लेकर गया। 3 महीने तक अच्छे से रखा। इसके बाद स्थितियां बदलने लगी। परिवार में मां- पिता के अलावा भाई भी रहता था। एक बार घर में अकेले थी तो ससुर ने जबरदस्ती की। इसके बाद देवर ने भी रेप किया।’ घटना की सूचना जब पति को दी तो उसने अपने परिवार वालों का साथ दिया। 7 दिनों तक खाना नहीं दिया गया। विरोध करने पर मायके छोड़ आने की धमकी दी जाती थी। एक दिन पति ने दिल्ली साथ चलने को कहा। मगर वह दिल्ली ना ले जाकर दुमका ले गया। प्रतिमा ने बताया, ‘दुमका पहुंची तो अजीब लग रहा था। कुछ देर बाद एक आदमी आया और उसने पति को कुछ पैसे दिए। जब मैंने इस पर उनसे सवाल किया तो उन्होंने कहा कि इस पर ध्यान मत दो। फिर उस आदमी ने हम दोनों को एक कमरा दिया। वहां पर गैस के अलावा और कोई सामान नहीं था। पति ने कहा कि तुम यहीं रुको सामान लेकर आता हूं। मगर फिर वह कभी लौटकर वापस नहीं आया।’ 4 महीने तक कई मर्दों ने जबरदस्ती बनाया संबंध प्रतिमा ने आगे कहा, ‘मैं वहां फंस गई थी। कुछ आदमी जबरदस्ती कमरे में घुस आते थे और संबंध बनाते थे। तब मुझे पता चला कि पति ने मुझे रेडलाइट एरिया में बेच दिया है। वहां से एक बार भागने की कोशिश की, मगर पकड़ी गई। करीब 4 महीने वहां रही। इस बीच मेरे साथ क्या-क्या हुआ वह शब्दों में बयां नहीं कर सकती। मैंने दोबारा मौका देखकर भागने की कोशिश की। इस बार एक चाय वाले से मदद मांगी और उसे अपनी सारी कहानी बताई। उसने मदद की और मुझे दुमका स्टेशन ले जाकर ट्रेन में बैठा दिया।’ चंदा मांगकर घर पहुंची महिला ने बताया, ‘मेरे पास पैसे और टिकट नहीं थे। जब टीटी ने पकड़ा तो मैंने उनके सामने हाथ जोड़ लिया और कहा कि मेरे पास पैसे नहीं है। उसे मुझ पर दया आ गई। उसने 50 रुपए दिए। बताया कि यह ट्रेन सीधे कटिहार जाएगी। कटिहार उतरकर अररिया वाली गाड़ी पकड़ लेना। मगर मैं गलती से बंगाल वाली गाड़ी में बैठ गई। वहां से फिर चंदा मांगकर किसी तरह अपने घर अररिया पहुंची।’ 4 शादी कर चुका था मेरा पति प्रतिमा ने बताया, ‘घर आने पर मैंने मां को सारी कहानी बताई तो उन्होंने मुझे गले से लगा लिया। मगर भाई ने विरोध किया और वह मुझे घर से चले जाने को कहता था। बाद में मुझे पता चला कि मेरा पति पहले से 4 शादी कर चुका था। मैं उसकी पांचवीं पत्नी थी। वह एक गैंग चलाता था और ऐसे ही लड़कियों को फंसाकर उन्हें बेच देता था।’ बेटी को दिया जन्म प्रतिमा ने बताया, ‘कुछ दिन बाद मेरी तबीयत खराब हुई और जब मैं डॉक्टर के पास गई तो पता चला कि मां बनने वाली हूं। आस-पड़ोस के लोग मुझे ताने मारते थे। कहते थे बच्चे को मार दो। मगर मैंने इस बच्चे को जन्म देने का फैसला किया।’ कुछ महीने बाद मैंने एक बेटी को जन्म दिया। आज वह 10 साल की हो गई है। मैं एक सिंगल मदर हूं और अपने बच्चे की परवरिश अकेले करती हूं। किराने की दुकान पर बैठती हूं और उसी से अपना घर चलाती हूं। मैं यही चाहती हूं कि जो मेरे साथ हुआ है वह मेरी बच्ची के साथ ना हो। कहानी-2ः जीजा और सगे भाई ने किया रेप बेगूसराय की 10 वर्षीय बच्ची रीना (बदला हुआ नाम) के साथ उसके जीजा और सगे भाई ने रेप किया। 1998 में हुई इस घटना के आज 26 साल बीत गए हैं, मगर रीना के जेहन से यह बात कभी नहीं उतरी। वह बताती है, ‘दीदी की शादी घर से थोड़ी दूर पर हुई थी। जब 10 साल की थी तो खेलते-खेलते कभी-कभी दीदी के घर चली जाती थी। ज्यादा शाम होने पर दीदी वहीं रुकने को बोल देती थी। उनके बच्चे भी कहते थे कि रुक जाओ, साथ में खेलेंगे। खेलने की लालच में रुक जाती थी। घर छोटा होने के कारण एक ही बिस्तर पर मैं, दीदी, जीजा और उनके दोनों बच्चे सोते थे।’ रात में जीजा उठकर बगल में आकर सो जाते थे और गंदी हरकत करते थे। धीरे-धीरे इस चीज की आदत बन गई। जब वह हमारे घर भी आते थे तो इस बात का मौका ढूंढ़ते थे। मैं दूसरे कमरे में भी सोई रहती थी तो वह 1-2 बजे रात में उठकर पास आकर सो जाते थे और जबरदस्ती करते थे। दीदी को मारने की धमकी देता था जीजा रीना ने बताया, ‘शुरू में मुझे समझ नहीं आ रहा था कि क्या हो रहा है, मगर इतना जरूर पता था कि कुछ गलत है। मैंने जीजा से इसका विरोध भी किया। इस पर वह दीदी को मारने-पीटने की धमकी देता था। इस बात से बहुत डर जाती थी और किसी को कुछ नहीं कहती थी।’ ‘इस घटना के दो साल बाद मेरा भाई शराब पीकर घर आया और नशे में मेरे साथ रेप किया। तब हमारी उम्र 12 साल थी।’ रीना ने बताया, ‘भाई का शुरू से ऐसा ही नेचर था। उसे लड़कियों को छेड़ना, उन्हें नहाते देखना, शराब पीना, नशे में धुत रहना अच्छा लगता था। मां जब मना करती थी तो वह उल्टा उन्हें ही डांट देता था।’ पति ने हर समय मेरा साथ दिया रीना ने बताया, ‘बचपन में मैं खेलकूद में सारी चीजों को भूल गई थी, लेकिन जब मेरी शादी होने वाली थी तो फिर बुरे ख्याल मन में आने लगे। शादी के बाद मैंने पति को सारी बातें बताई। वह ये सुनकर दंग रह गए और कुछ नहीं बोल पाए। मगर हर समय उन्होंने मेरा साथ दिया और मेरे लिए खड़े रहे। भाई और जीजा को लगता है कि वह जीत गए हैं और मेरी चुप्पी ही इसकी बड़ी वजह है।’ 100 रुपए से शुरू किया अपना बिजनेस रीना ने बताया, ‘मैंने अपना काम 100 रुपए से शुरू किया था। धागा, कांची, आईना लेकर कमाने निकल जाती थी। फिर 2018 में मैं जिस बिल्डिंग में रहती थी, उसके ही एक कमरे में पार्लर चलाने लगी। आज मैंने अपना खुद का पार्लर खोल लिया है।’ पति के पास अभी कोई नौकरी नहीं है। मैं ही बेटे की पढ़ाई से लेकर घर का सारा खर्च उठाती हूं। मैं सही मायने में महिला दिवस तब समझूंगी जब महिलाएं बाहर के साथ-साथ घर में भी सुरक्षित रहे, क्योंकि बाहर वालों से लड़ा भी जा सकता है, अपनों से लड़ना बहुत मुश्किल है। कहानी-3ः 15 साल की उम्र में हुआ एसिड अटैक 2022 में झारखंड के चतरा की काजल यादव पर हुए एसिड अटैक ने उनकी जिंदगी बदल दी। 15 साल की उम्र में हुई इस घटना की कहानी बताते हुए काजल कहती हैं, ‘जब 10वीं क्लास में थी, तब कोचिंग करने के दूसरे गांव जाती थी। 2 किलोमीटर रोज अकेले साइकिल चलाकर जाती थी। 6 महीने तक कोई दिक्कत नहीं हुई। इसके बाद एक दिन रास्ते में एक आदमी खड़ा दिखा। पहले हमने इग्नोर किया, लेकिन 15-20 दिन तक वह हमारे रास्ते में आता रहा।’ ‘मैं सोचती थी कि आखिर यह क्यों हर दिन कोचिंग जाने के टाइम पर खड़ा रहता है। दो-तीन दिन बाद उसने मेरी साइकिल पकड़ ली। 30 साल के उस आदमी ने हमें प्रपोज कर दिया। मैं बहुत डर गई और किसी तरह वहां से भागकर घर पहुंची। घर में किसी को नहीं बताया, क्योंकि डर था कि हमारी पढ़ाई बंद हो जाएगी।’ भाई को जान से मारने की दी थी धमकी काजल ने बताया, ‘घटना के दो-तीन दिन तक कोचिंग नहीं गई थी। हर बार पेट दर्द और सर दर्द का बहाना बना देती थी। चार दिन बाद फिर कोचिंग गई तो वह आदमी फिर रास्ते में खड़ा मिला। उसने कहा- मैं जवाब का इंतजार कर रहा हूं। तुम्हें जवाब देना होगा नहीं तो मैं तुम्हारे भाई को मार दूंगा। तब मुझे बहुत गुस्सा आया और हमने थप्पड़ मार दिया। उस आदमी ने फिर कहा- मैं इसका बदला जरूर लेकर रहूंगा।’ बदनामी के डर से किसी ने नहीं सुनी बात काजल ने बताया, ‘इस घटना के बाद मैं पूरी तरह से परेशान हो गई थी। मुझसे रहा नहीं गया तो मैंने मां को सब बताया। तब मेरे पापा घर पर नहीं थे। मम्मी ने चाचा से कहा कि लड़के के घर जाकर उसे समझना चाहिए। तब चाचा ने कहा कि बेटी जात है, बदनामी होगी, आगे शादी में दिक्कत आएगी, इसलिए बात यहीं दबा दे। इसके बाद मम्मी ने थाने में जाकर लड़के के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई।’ ‘पुलिस भी उसके घर गई, लेकिन वह नहीं मिला। कहीं भाग गया था। पुलिस ने कहा कि अब वह कुछ नहीं करेगा, बस धमकी दे रहा था। आगे कुछ हुआ तो आकर बताना।’ घर में घुसकर एसिड फेंका, लोग तमाशा देखते रहे काजल बतातीं हैं, ‘ 4 अगस्त 2022 की रात लाइट कटी थी। सभी लोग आंगन में सो रहे थे। थोड़ी देर बाद जब लाइट आई तो मैं आंगन के सामने वाले कमरे में जाकर सो गई। रात 11 बजे वह आदमी दीवार फांदकर घर में घुसा और एसिड फेंक दिया। आंगन में खड़े होकर कहा कि जिंदा जला दूंगा।’ हमें ऐसा लगा कि सपना देख रही हूं। पता ही नहीं था कि हमारे साथ क्या हुआ है। जब आईने में देखा तो चेहरा टेढ़ा हो गया था। कपड़े भी जलकर शरीर में चिपक गए थे। उनके चिल्लाने पर आसपास के लोग छत से देख रहे थे मगर कोई मदद करने नहीं आया। इतना दर्द हो रहा था कि चिल्लाते हुए बिना कपड़ों के ही रोड पर दौड़ रही थी। काजल ने बताया, ‘भाई ने मदद मांगने के लिए तीन-चार घरों का दरवाजा खटखटाया। मगर उसमें से सिर्फ एक ने ही मदद के लिए हाथ थामा।’ रिश्तेदार जहर देकर मार डालने की देते थे सलाह काजल ने बताया, ‘मेरे रिश्तेदार ताना मारते थे। कोई मुझे अस्पताल में देखने तक नहीं आया था। मामा ने कहा कि इसे मर जाना चाहिए था। अब इसकी शादी नहीं होगी। यहां तक की उन्होंने भाई को सलाह दी थी कि वह जहर देकर मार डाले। मगर मेरे भाई ने उन्हें डांटा। इसके बाद से किसी भी रिश्तेदार से बात नहीं होती है। अगर मैं घर भी जाती हूं तो मुंह ढककर जाती हूं और घर से बाहर नहीं निकलती।’ एक दिन की डीएम बनी थी काजल काजल एसिड अटैक विक्टिम के लिए काम करने वाले छांव फाउंडेशन से जुड़ी और अब उसी के साथ काम कर रही है। इस बीच वह 14 अक्टूबर 2024 को UP के मऊ की एक दिन की डीएम बनी थी। उन्होंने कहा कि महिला दिवस पर एक दिन के लिए कुछ स्पेशल करने से कुछ नहीं होगा। जब तक देश की महिलाएं हर दिन अपने आपको सुरक्षित महसूस कर घर से बाहर नहीं निकल सकती हैं तब तक महिला दिवस के कोई मायने नहीं है। —————- ये भी पढ़ें… ‘बोला-पढ़ाऊंगा, शादी कर दूंगा, पटना लाकर यौन शोषण करने लगा’:लड़की बोली- 3 बार अबॉर्शन कराया, मारपीट करता है, मुझे इसके साथ नहीं रहना पटना के शास्त्री नगर थाना क्षेत्र में यौन शोषण का मामला सामने आया है। 21 साल की लड़की को तीन साल पहले सिकंदर सिंह (46) केयरटेकर के रूप में गांव से लाया था। लड़की गरीब घर की थी। उसने परिवार से वादा किया था कि वो उसे पटना में पढ़ाएगा और फिर उसकी शादी करवा देगा। लेकिन यहां लाकर वो लगातार लड़की के साथ यौन शोषण करता रहा। इस दौरान उसने 3 बार अबॉर्शन कराया। पूरी खबर पढ़िए


