ससुर ने नहीं दिया खर्चा तो बहू ने दी मौत:खटिया के पाए से किया हमला, लाश छुपाकर मिटाए खून के निशान

छिंदवाड़ा जिले के लावाघोघरी थाना क्षेत्र में पुलिस ने एक हत्याकांड की आरोपी बहू निकली है। हैरानी की बात यह रही कि आरोपी बहू वारदात के बाद ससुर के शव के पास रोती-बिलखती नजर आई, ताकि किसी को उस पर शक न हो। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर मामले का खुलासा कर आरोपी को गिरफ्तार किया है। हनुमान मंदिर के पास मिला था शव यह मामला 28 दिसंबर 2025 का है। ग्राम लावाघोघरी के रहने वाले जितेंद्र आर्मे ने थाना पहुंचकर पुलिस को बताया कि उनके पिता कृष्णराव आर्मे (उम्र 65 वर्ष) का शव घर के पास पड़ा हुआ है। शव उनके कच्चे मकान और वन विभाग की दीवार के बीच बनी एक संकरी गली में मिला। जितेंद्र ने बताया कि पिता के मुंह और नाक से खून निकल रहा था, जिससे मौत संदिग्ध लग रही थी। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी आफताब खान पुलिस बल और जांच किट के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और वरिष्ठ अधिकारियों को पूरे मामले की जानकारी दी। फारेंसिक जांच से खुला राज मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी अजय पांडे और एएसपी आशीष खरे ने मौके पर एफएसएल टीम, डॉग स्क्वॉड और फिंगरप्रिंट एक्सपर्ट को भेजा। जांच में मिले सबूतों के आधार पर पुलिस ने पुष्टि की कि अज्ञात व्यक्ति ने बोथले हथियार से सिर और शरीर पर गंभीर चोटें पहुंचाकर बुजुर्ग की हत्या की थी। इसके बाद थाना लावाघोघरी में अपराध क्रमांक 170/25, धारा 103(1) बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया गया। पैसों के विवाद में बहू ने की हत्या एएसपी आशीष खरे ने बताया कि जांच के दौरान पुलिस ने परिजनों और आसपास के लोगों से गहन पूछताछ की। जांच में सामने आया कि 27 दिसंबर की रात कृष्णराव खाना खाकर अपने पुराने कच्चे मकान में सोने जा रहे थे। उसी समय उनकी बहू सुनिता आर्मे ने उनसे खर्च के लिए पैसे मांगे। जब ससुर ने पैसे देने से मना कर दिया तो गुस्से में आकर सुनिता ने पास में पड़े टूटे पलंग के लकड़ी के पाए से उनके सिर पर हमला कर दिया। इसके बाद सुनिता ने ससुर के सीने, पेट और हाथों पर 8 से 10 बार वार कर उनकी हत्या कर दी। हत्या के बाद उसने शव को घसीटकर संकरी गली (छेंडी) में फेंक दिया और खून के निशानों को मिट्टी डालकर छिपाने की कोशिश की। वारदात में इस्तेमाल किए गए लकड़ी के पाए को भी उसने छुपा दिया। मकान पाने के लालच में रची साजिश पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी बहू ससुर की रोक-टोक से परेशान थी। उसे लगता था कि उसका पति नशे का आदी है और ससुर की मौत के बाद मकान उसी के नाम हो जाएगा। इसी लालच में उसने इस जघन्य हत्या को अंजाम दिया। जुर्म कबूल, भेजी गई जेलपुलिस कार्रवाई के दौरान आरोपी बहू ने खुद को निर्दोष दिखाने के लिए ससुर की लाश के पास खूब रोना-पीटना किया, लेकिन सख्त पूछताछ में उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। कार्रवाई के बाद उसे न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।

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