राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के को लेकर जिले भर में स्वास्थ्य सेवाओं की रीढ़ मानी जाने वाली सहिया बहनों और सहयोग कर्मियों के सब्र का बांध अब टूटने लगा है। पिछले 4-5 महीनों से प्रोत्साहन राशि और मानदेय का भुगतान नहीं होने से क्षुब्ध सहिया सह सामूहिक प्रशिक्षक संघ ने मंगलवार को मोर्चा खोल दिया। संघ के एक शिष्टमंडल ने डीडीसी और सीएस को मांगपत्र सौंपकर अविलंब बकाया भुगतान की मांग की है। मांगपत्र सौंपने से पूर्व सदर अस्पताल परिसर स्थित सिविल सर्जन कार्यालय के पास संघ की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता संघ की संरक्षक बबीता देवी ने की। बैठक में जिले के सभी प्रखंडों से आईं सहिया, सहिया साथी, बीटीटी और एसटीटी ने अपनी पीड़ा साझा की। बबीता देवी ने कहा पिछले 4-5 महीनों से मानदेय और प्रोत्साहन राशि नहीं मिलने के कारण हमारे कर्मियों के सामने गंभीर आर्थिक और पारिवारिक संकट खड़ा हो गया है। नियमित रूप से अपनी ड्यूटी निभाने के बावजूद भुगतान न होना दुर्भाग्यपूर्ण है। बैठक में भुगतान प्रक्रिया को लेकर व्याप्त जटिलताओं पर भी चर्चा हुई। संघ ने मांग की है कि लंबित प्रोत्साहन राशि और मानदेय का अविलंब भुगतान किया जाए। एसएनए स्पर्श पोर्टल के माध्यम से भुगतान प्रक्रिया को सरल और नियमित बनाया जाए। हर माह एक निश्चित समय पर मानदेय सुनिश्चित किया जाए। संघ की उपाध्यक्ष अंजना साहू व सचिव जीवंती कुमारी ने दो टूक शब्दों में कहा कि यदि विभाग ने जल्द ही मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं की, तो सभी कर्मी काम ठप कर उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। इस अवसर पर मुख्य रूप से उर्मिला देवी, पारसनाथ साहू, सुशांतिधारी किंडो, वीरेंद्र उरांव, सारिका तिर्की, एजरस एक्का, शांता टोप्पो, मंजूला मिंज, जोसफिन कुजूर, जयमनी तिर्की, अंजू खलखो, संगीता खलखो, पुष्पा देवी, बालमुकुंद भगत, जसिन्ता कुजूर, रोजालिया कुजूर, पदमा कुमारी, अनिता बाड़ा, ममता देवी, गीता देवी और देवेश कुमार सहित भारी संख्या में सहिया बहनें मौजूद थीं। यह जानकारी संघ की अध्यक्ष बबीता देवी और उपाध्यक्ष अंजना साहू ने संयुक्त रूप से प्रेस को जारी विज्ञप्ति में दी।


