भास्कर न्यूज | बलौदाबाजार अंबुजा विद्यापीठ रवान में गुरुवार को सह-शैक्षणिक गतिविधियां दिवस उत्साहपूर्ण और गरिमामय माहौल में मनाया गया। सुबह से ही विद्यालय परिसर बच्चों, शिक्षकों और अभिभावकों की उपस्थिति से जीवंत और उत्सवमय दिखाई दे रहा था। कार्यक्रम का शुभारंभ केके दुबे के मुख्य आतिथ्य एवं शिवपूजन गुप्ता, जगदीश दूबे और प्राचार्य डॉ. संजय कुमार पाण्डेय द्वारा दीप प्रज्वलन और सरस्वती प्रतिमा पर माल्यार्पण से हुआ। सीसीए दिवस के अंतर्गत नर्सरी से 12वीं तक के विद्यार्थियों ने विभिन्न प्रतियोगिताओं में बढ़-चढ़कर भाग लिया और अपनी प्रतिभा का प्रभावशाली प्रदर्शन किया। मंच पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को प्रमाण पत्र, मेडल और पुरस्कार प्रदान किए गए। पुरस्कार वितरण के दौरान बच्चों की उत्साहपूर्ण मुस्कान और सभागार में गूंजती तालियाँ कार्यक्रम की शोभा बढ़ा रही थीं। सांस्कृतिक प्रस्तुतियों में छत्तीसगढ़ का पारंपरिक सुआ नृत्य विशेष आकर्षण का केंद्र रहा, जिसे दर्शकों ने खूब सराहा। प्राचार्य डॉ. संजय कुमार पाण्डेय ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि सह-शैक्षणिक गतिविधियां बच्चों के समग्र विकास की आधारशिला हैं। ये उनके भीतर रचनात्मकता, अनुशासन, आत्मविश्वास और टीमवर्क जैसी क्षमताओं को विकसित करती हैं। मुख्य अतिथि के. के. दूबे ने भी विद्यालय द्वारा बच्चों के बहुआयामी व्यक्तित्व को निखारने के प्रयासों की प्रशंसा की और विजेताओं के उज्ज्वल भविष्य की कामना की। कार्यक्रम का संचालन वरिष्ठ समन्वयक पद्माकर मिश्रा द्वारा किया गया। धन्यवाद ज्ञापन योगेश थोराट ने प्रस्तुत किया। शिक्षा मेले में देश के दस प्रमुख विश्वविद्यालयों ने अपने स्टॉल लगाए और पाठ्यक्रमों की विस्तृत जानकारी विद्यार्थियों व अभिभावकों को दी। मेले में आसपास के विद्यालयों से बड़ी संख्या में विद्यार्थी, शिक्षक और प्राचार्य शामिल हुए।


