रायसेन शहर में रोजाना लगने वाले जाम की बड़ी वजह बन चुकी धान से भरी ट्रैक्टर-ट्रालियों पर अब सख्त नियंत्रण शुरू हो गया है। यातायात विभाग ने नई रूट व्यवस्था लागू करते हुए सanchi रोड की ओर से आने वाली धान की ट्रालियों का सुबह 8 बजे से रात 8 बजे तक शहर में प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया है। सांची रोड से ट्रालियों को शहर में एंट्री नहीं
नई व्यवस्था के अनुसार सांची रोड से आने वाली सभी ट्रालियां अब शहर की ओर नहीं मुड़ेंगी। इन्हें गोपालपुर से पहले सैंडोरा–भोपाल रोड की ओर डायवर्ट किया जाएगा। यह रूट सीधे दशहरे मैदान स्थित अस्थाई मंडी तक ले जाएगा। ट्रालियों को रोकने व रूट डायवर्ट कराने के लिए यातायात पुलिस ने पॉइंट्स बना दिए हैं और जवान तैनात कर दिए हैं। एसपी आशुतोष गुप्ता के निर्देश पर लागू हुई व्यवस्था
नवागत पुलिस अधीक्षक आशुतोष गुप्ता ने शहर की बिगड़ती यातायात स्थिति की समीक्षा के बाद यह निर्णय लिया।उन्होंने ट्रैफिक प्रभारी लता मालवीय को निर्देश दिए कि किसानों को नई व्यवस्था समझाते हुए ट्रालियों को शहर में घुसने से रोका जाए। रोजाना 800–900 ट्रालियां बनती थीं जाम का कारण
रायसेन में प्रतिदिन 800-900 धान से भरी ट्रालियां प्रवेश करती थीं। खासकर शाम को सागर तिराहा से जिला अस्पताल तक सड़क पर भारी जाम की स्थिति बन जाती थी। सब्जी ठेले वालों के अतिक्रमण से भी सड़क संकरी हो जाती थी। अस्पताल जाने वालों, ऑफिस से लौटने वालों और आम आवागमन में बड़ी परेशानी होती थी। नई व्यवस्था के बाद जाम से काफी राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। किसानों के लिए समय तय
शहर से गुजरने की अनुमति सिर्फ सुबह 8 बजे से पहले होगी। मंडी से लौटते समय रात 8 बजे के बाद ही ट्रालियां शहर में प्रवेश कर सकेंगी। शुक्रवार को ट्रैफिक प्रभारी लता मालवीय ने नई व्यवस्था का ज़मीनी निरीक्षण किया। पुलिस ने यहाँ पॉइंट बनाए और जवान तैनात किए: जवान सांची रोड से आने वाली ट्रालियों को शहर में घुसने से रोककर उन्हें नए निर्धारित रूट के बारे में समझा रहे हैं।


