सांप हाथ में लिए DJ बजाते हुए देव-आगमन की पदयात्रा:रील के चक्कर में हुजूम उमड़ रहा; एक्सपर्ट बोले- वीडियो डराने वाले, स्नेक बाइट का इलाज सिर्फ एंटीडोज

चित्तौड़गढ़ में सांप के काटने की रील बनाने वाले 17 साल के नाबालिग की मौत हो गई थी। सोशल मीडिया पर ऐसे ढेरों वीडियो हैं, जिसमें चित्तौड़गढ़ के ग्रामीण इलाकों के युवा हाथ में सांप लिए डीजे की धुन पर रील बनाते हुए नजर आ रहे हैं। इस प्रथा को मानने की जड़ें इतनी गहरी हैं कि लोक कलाकार भी इसमें नाचते-गाते साथ चलते हैं। दैनिक भास्कर ने ये रीलें खंगाली तो चौंकाने वाले जानकारी सामने आई। युवाओं को पता ही नहीं है कि वे कौनसे सांप को लेकर साथ चल रहे हैं। चित्तौड़गढ़ में पिछले 2 महीने में इस देव आगमन की प्रथा के चलते 1 मौत हो गई है वहीं एक युवक की समय रहते जान बचा ली गई। दैनिक भास्कर ने जब इन वीडियो को लेकर एक्सपर्ट से बात की तो उन्होंने कहा- ये वीडियो डरा देने वाले हैं। सांप का इलाज किसी भोपे के पास नहीं बल्कि इसका इलाज सिर्फ एंटीडोज है। दैनिक भास्कर में पढ़िए क्या है देव आगमन की प्रथा हाथों में सांप और डीजे पर बजते लोक देवताओं के गीत, गीतों की धुन पर थिरकते ग्रामीण जुलूस के साथ देवताओं के थान की ओर बढ़ते हैं। जिस युवा के हाथ में सांप है वो इसे देव मानता है और उसका कर्तव्य है कि वो इसे देवता के थान (स्थान) तक पहुंचाएगा। ग्रामीणों की भीड़ सांप पकड़े युवक के पीछे-पीछे चलती है और डीजे पर नाचते हुए लोक कलाकार भी साथ चलते हैं। ऐसी रील्स आपको सोशल मीडिया देखने को मिल जाएगी। ग्रामीणों ने इसे नाम दिया है देव आगमन सोशल मीडिया के दौर में चित्तौड़गढ़ बड़ोदिया, रोलहेड़ा, चोगावड़ी और तालेड़ी जैसे इलाकों में एक नई प्रथा देव आगमन चल रही है। किसी के घर अगर सांप निकलता है तो उसे देवता का रूप मान लिया जाता है। ढोल-नगाड़ों के साथ उसे स्थानीय देवता के थान तक ले जाते हैं। इसी परंपरा में 17 साल का मासूम अपनी जान गंवा बैठा है। वहीं एक की जान समय रहते बचा ली गई। सांप की प्रजाति जाने बिना उसे हाथ में लेकर चलना कितना खतरनाक है इस तस्वीर में देखिए… जानलेवा हो रही रील नाम न बताने की शर्त पर स्थानीय बताते हैं- ये कह नहीं सकते कि ये प्रथा कब शुरू हुई लेकिन इसकी रील बनाने का चलन अभी शुरू हुआ है। पहले भी हम सांपों को देवता का रूप मानते थे उन्हें जंगल में छोड़ आते थे। आजकल युवा उन्हें हाथ में पकड़कर देवता के थान तक जा रहे हैं। रील्स बना रहे हैं। ये जानलेवा है। क्यों काट लेता हैं सांप एक्सपर्ट से समझिए प्रोजेक्ट रेंज ऑफिसर, बेगूं भगवती लाल त्रिपाठी बताते हैं- चित्तौड़गढ़ में अगर लोग ऐसा कर रहे हैं तो ये खतरनाक है। सांप या कोई भी जानवर तभी हमला करता है, जब उसे खतरा महसूस होता है। तेज डीजे, भीड़-भाड़ और हाथों में पकड़ने जैसी हरकतों से सांप असहज और डरा हुआ महसूस करता है। ऐसे में उसके काटने की संभावना कई गुना बढ़ जाती है। भगवती लाल त्रिपाठी बताते हैं- सांप को पकड़कर अपने पास रखना या देर शाम तक घुमाना बिल्कुल गलत है। रेस्क्यू के बाद उसे तुरंत सुरक्षित जंगल या उसके प्राकृतिक आवास में छोड़ देना चाहिए। सांप के काटने पर एंटीडोज ही एकमात्र सुरक्षित इलाज है, जिसे नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। सांप कौनसा है ये बिना जाने हाथ में न लें भगवती लाल त्रिपाठी बताते हैं- सांपों को पकड़ने या रेस्क्यू करने का काम केवल अनुभवी लोगों द्वारा ही किया जाना चाहिए, चाहे वह वन विभाग के कर्मचारी हों या प्रशिक्षित वन्यजीव प्रेमी। आम आदमी को कभी भी हाथों से सांप नहीं पकड़ना चाहिए। उन्होंने बताया कि अधिकतर लोगों को यह भी नहीं पता होता कि कौन सा सांप जहरीला है और कौन सा नहीं, इसलिए जोखिम और बढ़ जाता है। इंसान और सांप दोनों को खतरा भाजपा मंडल अध्यक्ष घोसुंडा राजमल सुखवाल ने बताया कि देव आगमन की प्रथा के चलते कुछ लोग सांप को हाथ में पकड़कर देवताओं के स्थान तक ले जाते हैं। इस दौरान पूरे रास्ते डीजे बजाया जाता है और भारी भीड़ जमा हो जाती है। यह परंपरा बड़ोदिया, चोगावड़ी, रोलहेड़ा, तालेड़ी सहित कई गांवों में देखने को मिल रही है। उन्होंने साफ कहा कि यह परंपरा न तो सही है और न ही सुरक्षित। इससे इंसान और सांप दोनों की जान को खतरा होता है। लोगों को जागरूक करेगा वन-विभाग एसीएफ बस्सी यशवंत कंवर ने बताया कि इस तरह की खबरें बेहद विचलित करने वाली हैं। उन्होंने कहा कि जिन गांवों में यह परंपरा चल रही है, वहां वन विभाग जल्द ही जागरूकता कार्यक्रम चलाएगा। इस काम में लोकल जनप्रतिनिधियों को भी जोड़ा जाएगा। डीएफओ मृदुला सिंह के निर्देश पर लोगों को बताया जाएगा कि सांप के काटने पर क्या करना चाहिए और क्या नहीं। उन्होंने कहा कि हम चाहते हैं कि लोग डॉक्टर के पास जाएं और समय पर इलाज कराएं। पुलिस की अपील, सूचना देने से न डरें लोग चंदेरिया थाना अधिकारी सुनीता गुर्जर ने बताया कि अभी तक इस तरह के मामलों में कोई औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं हुई है। उन्होंने लोगों से अपील की कि अगर कहीं भी सांपों के साथ इस तरह की खतरनाक गतिविधि या अंधविश्वास देखने को मिले, तो तुरंत पुलिस को सूचना दें। सांप के काटने से मौत की ये खबर भी पढ़ें… सांप डसता रहा, डीजे पर रील बनाता रहा नाबालिग, मौत:देव आगमन की प्रथा में नाचते रहे लोग; तबीयत बिगड़ी तो भोपे के पास ले गए चित्तौड़गढ़ में सांप को लेकर रील बना रहे नाबालिग की मौत हो गई। किशोर के घर में कॉमन करैत सांप निकला था। इसके बाद वह उसे हाथ में लेकर रील बनाते हुए देव आगमन की प्रथा के तहत लोकदेवता के थान जा रहा था। इस दौरान सांप ने उसके हाथ में कई जगह डस लिया। (पढ़ें पूरी खबर)

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