सांसद अमृतपाल पर हाईकोर्ट का पंजाब सरकार को आदेश:पैरोल पर 1 हफ्ते में फैसला लें; वकील से पूछा- संसद में कुछ बोलेंगे या मूकदर्शक रहेंगे

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने खालिस्तान समर्थक सांसद अमृतपाल की पैरोल पर पंजाब सरकार को 1 हफ्ते में फैसला लेने को कहा है। खडूर साहिब से सांसद अमृतपाल ने संसद के मानसून सत्र में शामिल होने के लिए यह पैरोल मांगी है। जिसको लेकर उन्होंने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। बता दें कि अमृतपाल इस वक्त राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत असम की डिब्रूगढ़ जेल में बंद हैं। वह पहले सुप्रीम कोर्ट गए थे लेकिन कोर्ट ने उन्हें हाईकोर्ट जाने के लिए कहा था। हाईकोर्ट में चीफ जस्टिस शील नागू और जस्टिस संजीव बेरी की बैंच ने यह फैसला सुनाया। उन्होंने अमृतपाल की तरफ से हाजिर हुए सीनियर एडवोकेट आरएस बैंस को भी सवाल किया कि अमृतपाल किस टॉपिक संसद में बोलेंगे या मूकदर्शक बने रहेंगे, आपने क्या रिसर्च किया है। इस पर अमृतपाल के एडवोकेट आरएस बैंस ने कहा कि संभवत: वह बाढ़ से राहत के मुद्दे पर बोलेंगे। इस दौरान केंद्र की तरफ से हाजिर असिस्टेंट सॉलिसिटर जनरल सत्यपाल जैन ने कहा कि केवल राज्य की सक्षम अथॉरिटी ही सांसद को संसद में शामिल होने के लिए परमिशन दे सकती है। इस पर अमृतपाल के एडवोकेट आरएस बैंस ने कहा कि पैरोल को लेकर पंजाब सरकार और जिला मजिस्ट्रेट को एप्लिकेशन दी जा चुकी है। पंजाब सरकार की तरफ से पेश हुए एडिशनल एडवोकेट जनरल चंचल सिंह ने कहा कि अमृतपाल की तरफ से सिर्फ रिप्रेजेंटेशन दिया गया है, वह प्रॉपर आवेदन के फॉर्मेट में नहीं है। इस पर हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार को कहा कि उसे ही एप्लिकेशन के तौर पर मानें। जिस पर एडवोकेट सिंगला ने कहा कि वह इस पर विचार करेंगे। जेल में ही अमृतपाल ने जीता चुनाव
इससे पहले अमृतपाल ने याचिका में कहा कि अप्रैल 2023 से जेल में रहने के बावजूद अमृतपाल सिंह ने 2024 के लोकसभा चुनाव में खडूर साहिब सीट से लगभग 2 लाख वोटों के साथ जीत दर्ज की। वह लाखों वोटरों का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। याचिका में अमृतपाल ने मांग की थी कि केंद्र और राज्य सरकार को निर्देश जारी किए जाएं कि उन्हें पैरोल पर रिहा किया जाए या कम से कम संसद सत्र के दौरान उनकी व्यक्तिगत उपस्थिति सुनिश्चित की जाए। तीसरी बार डिटेंशन का हवाला
याचिका में बताया गया है कि 17 अप्रैल 2024 को उनके खिलाफ तीसरा डिटेंशन ऑर्डर जारी किया गया था। जब वह डिब्रूगढ़ जेल में बंद थे। इसके बाद सलाहकार बोर्ड ने उनके निरंतर बंद रखने के लिए पर्याप्त आधार पाए और 24 जून को डिटेंशन को तीसरी बार के लिए बढ़ा दिया गया। अमृतपाल सिंह ने सैशन में भाग लेने के मकसद से पैरोल के लिए 13 नवंबर को एप्लिकेशन भेजी गई थीं, लेकिन अब तक कोई निर्णय नहीं लिया गया है।

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