भास्कर न्यूज | दंतेवाड़ा देश के समग्र विकास, वित्तीय सुदृढ़ता, 16वें वित्त आयोग की अनुशंसाओं, स्थानीय निकायों के सशक्तिकरण, आपदा प्रबंधन व्यवस्था को मजबूत करने तथा केंद्र सरकार के बजट 2026-27 की प्रमुख विशेषताओं पर बस्तर सांसद महेश कश्यप ने सोमवार को आयोजित प्रेस वार्ता में विस्तार से जानकारी दी। साथ ही उन्होंने बस्तर क्षेत्र में हो रहे विकास कार्यों की प्रगति भी साझा की। सांसद कश्यप ने कहा कि केंद्र सरकार का बजट 2026-27 समावेशी एवं दूरदर्शी बजट है, जिसका उद्देश्य देश के संतुलित और सतत विकास को सुनिश्चित करना है। यह बजट विशेष रूप से युवाओं, किसानों, महिलाओं, छोटे व्यापारियों तथा उद्यमियों को सशक्त बनाने पर केंद्रित है। पूंजीगत व्यय में वृद्धि कर अधोसंरचना विकास, औद्योगिक विस्तार और रोजगार सृजन को गति दी गई है। एमएसएमई, स्टार्टअप, सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स और बायोफार्मा जैसे उभरते क्षेत्रों को विशेष प्रोत्साहन दिया गया है। शिक्षा, कौशल विकास और स्वास्थ्य सेवाओं में निवेश बढ़ाकर युवाओं के लिए नए अवसर सुनिश्चित किए गए हैं।
दंतेवाड़ा में पिछले दो साल से ग्राम पंचायतों में विकास के कोई भी कार्य नही हो पाए हैं। टैक्स के बंटवारे के लिए कदम उठाए जा रहे सांसद ने बताया कि 16वें वित्त आयोग की अनुशंसाओं के आधार पर केंद्र और राज्यों के बीच करों के न्यायसंगत बंटवारे की दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। राज्यों को केंद्रीय करों की शुद्ध प्राप्तियों में 41 प्रतिशत हिस्सेदारी बनाए रखने का निर्णय सहकारी संघवाद की भावना को और मजबूत करेगा। उन्होंने कहा कि राज्यों के बीच संसाधनों का क्षैतिज वितरण जनसंख्या, क्षेत्रफल, वन क्षेत्र, प्रति व्यक्ति आय और सकल घरेलू उत्पाद जैसे मानकों को ध्यान में रखकर किया गया है, जिससे न्यायोचित और संतुलित विकास सुनिश्चित हो सके। छत्तीसगढ़ को भी कर वितरण एवं विभिन्न अनुदानों के माध्यम से पर्याप्त आर्थिक सहयोग मिला है।


