डेढ़ लाख से अधिक प्रचीन और आधुनिक पुस्तकों का संकलन, पुस्तकों का डिजिटलाइजेशन जारी ज्ञान भारतम् मिशन के अंतर्गत कला एवं संस्कृति मंत्रालय के स्वतंत्र केंद्र अभय जैन ग्रंथालय में विद्वानों एवं सांस्कृतिक संगठनों के प्रतिनिधियों की एक महत्वपूर्ण विजिट संपन्न हुई। इस अवसर पर संस्कृत भारती के अखिल भारतीय महामंत्री सत्यनारायण भट्ट, पांडुलिपि समन्वयक सुरेन्द्र कुमार शर्मा, अवधेश वशिष्ठ, तथा संस्कृत भारती बीकानेर महानगर मंत्री दाऊ लाल साध ने ग्रंथालय का गहन निरीक्षण किया। नाहटा चौक स्थित अभय जैन ग्रंथालय के निर्देशक ऋषभ नाहटा ने अतिथियों को ग्रंथालय में संरक्षित लगभग दो लाख हस्तलिखित पांडुलिपियों का अवलोकन कराया। यहां डेढ़ लाख से अधिक प्राचीन एवं आधुनिक पुस्तकों का संकलन है। उन्होंने बताया कि इन पुस्तकों का डिजिटलाइजेश किया जा रहा है। इन ग्रंथों में वेद, उपनिषद, दर्शन, आयुर्वेद, ज्योतिष, व्याकरण, इतिहास सहित विविध शास्त्रीय विषयों से संबंधित अमूल्य ज्ञान-सामग्री संकलित है। इस अवसर पर संस्कृत भारती के अखिल भारतीय महामंत्री सत्यनारायण भट्ट ने कहा कि अभय जैन ग्रंथालय जैसे संस्थान भारत की आत्मा हैं, जहाँ शास्त्र और संस्कृति जीवंत रूप में सुरक्षित है। इस अवसर पर ज्ञान भारतम् मिशन के अंतर्गत कार्यरत सर्वेक्षण अधिकारी मोहित बिस्सा, लवकुमार देराश्री, नवर| चोपड़ा, लक्ष्मी कांत उपाध्याय की सक्रिय सहभागिता भी उल्लेखनीय रही।


