छत्तीसगढ़ के डोंगरगढ़ से दो युवाओं ने आस्था और संकल्प का अनूठा उदाहरण पेश किया है। ग्राम करेला के निर्भय लिल्हारे और भेदुराम मंडावी ने साइकिल से महाकुंभ में स्नान करने का संकल्प लिया। दोनों युवाओं ने मात्र 5 दिनों में 700 किलोमीटर की दूरी तय कर 30 जनवरी को प्रयागराज पहुंचने में सफलता हासिल की। प्रयागराज में एक सप्ताह के प्रवास के दौरान दोनों ने प्रतिदिन त्रिवेणी संगम में स्नान किया। मां गंगा की आरती में भी भाग लिया। उन्होंने बताया कि आत्मिक शांति के लिए यह यात्रा थी। विश्व कल्याण और राष्ट्र उत्थान के लिए प्रार्थना पतंजलि योग समिति से जुड़े निर्भय लिल्हारे ने बताया कि यह यात्रा सिर्फ आत्मिक शांति के लिए नहीं थी। इसका उद्देश्य विश्व कल्याण और राष्ट्र उत्थान के लिए प्रार्थना करना भी था। उन्होंने कहा कि महाकुंभ में जाति, धर्म और वर्ग का कोई भेदभाव नहीं होता। यहां पूरे विश्व से लोग त्रिवेणी संगम में स्नान कर आत्मिक संतोष पाते हैं। यात्रा के दौरान दोनों युवाओं ने छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश के कई धार्मिक स्थलों का भ्रमण किया। उन्होंने विभिन्न राज्यों की संस्कृति और लोगों से जुड़ने का अनूठा अनुभव प्राप्त किया। गांव में हुआ भव्य स्वागत वापसी पर गांव में दोनों का भव्य स्वागत किया गया। ग्रामीणों ने गर्व से कहा कि ऐसा साहसिक कदम उठाने वाले वे क्षेत्र के पहले युवा हैं। उनकी यात्रा अन्य युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी। यह साबित करती है कि दृढ़ इच्छाशक्ति से कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं है।


