इंदौर-उज्जैन फोरलेन पर इंजीनियरिंग कॉलेज कैंपस में आईटी पार्क का कार्य शुरू हो गया है। इसमें साइड क्लियर कर निर्माण कार्य किया जाएगा। इसके लिए पोल शिफ्टिंग से लेकर पेड़ों की कटाई व खुदाई का कार्य किया जा रहा है। जी प्लस सात मंजिला आईटी पार्क हरे-भरे क्षेत्र में रहेगा। इसके बनने से उज्जैन में सूचना विज्ञान और प्रौद्योगिकी से संबंधित फर्मों को डिजाइन किया जा सकेगा। साथ ही आंकड़ों की प्राप्ति, सूचना संग्रह, सुरक्षा व परिवर्तन, आदान-प्रदान व अध्ययन तथा डिजाइन आदि कार्य हो सकेंगे। इसमें आईटी कंपनियों का संचालन हो सकेगा। आईटी कंपनियों के कार्यालयों के माध्यम से आईटी के क्षेत्र में युवाओं को रोजगार के अवसर मिल सकेंगे। आईटी पार्क का भूमि पूजन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 21 दिसंबर को इंजीनियरिंग कॉलेज कैंपस में करेंगे। इसे लेकर तैयारियां तेज कर दी गई है। मौके पर प्रारंभिक कार्य शुरू हो गया है और जल्द ही बिल्डिंग आकार लेने लगेगी। आईटी पार्क का निर्माण नोएडा की कंपनी कर रही है। इस पर करीब 48 करोड़ रुपए खर्च होंगे। यह 2.1610 हेक्टेयर क्षेत्रफल में बनाया जा रहा है। इसे दो साल में पूरा करने का टारगेट है। इंदौर रोड और देवास रोड से हो सकेगी सीधे कनेक्टिविटी यह पहला प्रोजेक्ट है, जिसमें टेंडर होते ही तेजी से कार्य भी शुरू करवा दिया गया है। इंदौर-उज्जैन फोरलेन प्रस्तावित सिक्स लेन व इंजीनियरिंग कॉलेज फोरलेन के बीच में आईटी पार्क बनाए जाने से दोनों तरफ यानी देवास रोड व इंदौर रोड से कनेक्टिविटी हो सकेगी। टेंडर जारी होते ही काम शुरू आईटी पार्क के निर्माण के लिए टेंडर जारी कर कार्य शुरू करवाया गया है। इसमें साइड क्लियर व पोल आदि शिफ्टिंग का कार्य हो रहा है। – राजेश राठौर, एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर, डीएमआईसी


