सागर जिले के बंडा में एक किसान की हार्ट अटैक से मौत का मामला गरमा गया है। मृतक के परिजनों और समाज के लोगों का आरोप है कि किसान अपनी जमीन पर दबंगों के कब्जे और प्रशासन की अनदेखी के कारण मानसिक रूप से प्रताड़ित था। नाराज कुशवाहा समाज के लोगों ने बड़ी संख्या में विधायक वीरेंद्र सिंह लोधी के निवास पर पहुंचकर प्रदर्शन किया और ज्ञापन सौंपा। समाज ने चेतावनी दी है कि यदि 2 दिन के भीतर जमीन संबंधी प्रकरण का निराकरण नहीं हुआ, तो वे उग्र आंदोलन करेंगे। जानकारी के अनुसार, पटवारी हल्का नंबर 92 (वर्तमान 43) के खसरा नंबर 130/1 की भूमि पर एक दबंग ने अवैध कब्जा कर रखा था। पीड़ित किसान रामकिशन उर्फ तत्तू पटेल ने इसे हटाने के लिए तहसील में जनसुनवाई से लेकर कलेक्टर कार्यालय तक कई बार आवेदन दिए। लेकिन, न तो सीमांकन हुआ और न ही कब्जा हटाया गया। फाइलों के आगे न बढ़ने और दबंगों के दबाव के चलते तत्तू पटेल तनाव में रहने लगे थे, जिससे उन्हें हार्ट अटैक आ गया। बेटे के बाद पिता का साया भी उठा पीड़ित परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। करीब एक साल पहले रामकिशन के बेटे हेमंत का निधन हो चुका है। अब घर के मुखिया की मौत के बाद उनकी पत्नी और पांच बेटियों के सामने जीवन-यापन का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। समाज ने दी उग्र आंदोलन की चेतावनी कुशवाहा समाज के अध्यक्ष कुंजबिहारी पटेल और युवा अध्यक्ष ओम पटेल के नेतृत्व में समाजजनों ने विधायक को ज्ञापन सौंपकर प्रशासन को मौत का जिम्मेदार बताया। कुशवाहा समाज के अध्यक्ष ओम कुशवाहा ने कहा— “बंडा विधायक को ज्ञापन सौंपा है। दो दिन में समस्या का निराकरण नहीं हुआ तो समाज उग्र आंदोलन करेगी। विधायक ने जल्द मामले का निराकरण कराने का आश्वासन दिया है। पीड़ित परिवार को मुआवजा दिलाने की भी मांग की है।” विधायक ने तहसीलदार को दिए निर्देश विधायक ने मौके पर ही अधिकारियों से बात कर कार्रवाई का भरोसा दिया। बंडा विधायक वीरेंद्र सिंह लोधी ने कहा— “मेरे पास पीड़ित परिजन और समाज के लोग आए थे। मैंने तत्काल तहसीलदार से दूरभाष पर संपर्क किया और मामले को लेकर निर्देशित किया है। समस्या का जल्द समाधान कराया जाएगा।”


