सागर में हिंदू सम्मेलन में ब्रह्मचारी महाराज बोले:राष्ट्र रक्षा के लिए प्राणों की आहुति दे देना चाहिए; शिवाजी महाराज के शौर्य पर नाटक की प्रस्तुति

सागर जिले के देवरी में रविवार को किला मैदान में विराट हिंदू सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन में शामिल होने के लिए रेवा आश्रम मांगरोल (बापौली धाम) के ब्रह्मचारी महाराज देवरी पहुंचे। कार्यक्रम की शुरुआत में नगर में भव्य शोभायात्रा निकाली गई, जो मुख्य मार्गों से होते हुए किला मैदान पर समाप्त हुई। यहां छत्रपति शिवाजी महाराज के शौर्य और पराक्रम पर आधारित नाटक की प्रस्तुति दी गई, जिसे देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग उमड़े। ‘कलयुग में संगठन में ही शक्ति है’ सम्मेलन को संबोधित करते हुए बापौली धाम के ब्रह्मचारी महाराज ने कहा कि ब्रह्माण्ड में 84 लाख योनियां हैं, जिनमें मानव योनि सर्वश्रेष्ठ है। जिस धर्म का संविधान चींटी से लेकर समस्त जीवों की भलाई के लिए हो, वही सनातन धर्म है। इसका उद्देश्य ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ है। उन्होंने जोर देकर कहा कि सबसे बड़ा धर्म राष्ट्र धर्म है। यदि राष्ट्र की रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति भी देनी पड़े, तो पीछे नहीं हटना चाहिए। कलयुग में संघ (संगठन) में ही शक्ति है। धर्म और संस्कृति की रक्षा का संकल्प ब्रह्मचारी महाराज ने कहा कि व्यक्ति को धर्म और संस्कृति की रक्षा सबसे पहले करनी चाहिए। कार्यक्रम में बाल तपस्वी दुबे ने भी संबोधित किया और हिंदुओं के जागरण की बात कही। इस दौरान मंच पर हरीश दुबे और दिलीप नेमा मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन कुलदीप बड़गैया ने किया।

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