डूंगरपुर में सागवाड़ा नगरपालिका अध्यक्ष पद को लेकर राजनीतिक घमासान मचा हुआ है। पालिका में कांग्रेस नेता नरेंद्र खोड़निया की ओर से अध्यक्ष की कुर्सी पर बैठने के बाद दूसरे दिन गुरुवार को 2 कुर्सियां लग गई।
एक कुर्सी पर कांग्रेस के नरेंद्र खोड़निया तो दूसरी पर भाजपा के आशीष गांधी पर बैठे। दोनों ही खुद को नगरपालिका का अध्यक्ष बता रहे है। वही कमरे के बाहर नरेंद्र खोड़निया के अध्यक्ष की नेम प्लेट भी लग गई है। सागवाड़ा नगर पालिका में 9 महीने से निलंबित अध्यक्ष कांग्रेस के नरेंद्र खोड़निया हाईकोर्ट से स्टे आदेश मिलने के बाद बुधवार (14 जनवरी) को कुर्सी पर बैठ गए थे। इसके बाद नरेंद्र खोड़निया ने खुद को नगर पालिका अध्यक्ष बताया था और कोर्ट के आदेशों का हवाला दिया। जबकि नगरपालिका आयुक्त मोहम्मद सोहिल शेख ने मामले में सरकार से मार्गदर्शन की बात कही थी। एक ही टेबल पर पास-पास लगाई कुर्सी
वही गुरुवार सुबह ऑफिस खुलते ही कांग्रेस के नरेंद्र खोड़निया और भाजपा के अध्यक्ष आशीष गांधी दोनों ही नगर पालिका पहुंच गए। इसके बाद अध्यक्ष की टेबल पर पास-पास ही दोनों की कुर्सियां लगाई गई। दोनों ही आसपास की कुर्सी पर बैठ गए और दोनों ही खुद को पालिका का अध्यक्ष बताने लगे। ‘सरकार से मांगा गया मार्गदर्शन’
कांग्रेस के नरेंद्र खोड़निया ने कहा कि कोर्ट ने उन्हें नगरपालिका अध्यक्ष पद से निलंबन पर स्टे आदेश दिए है। इससे वे स्वतः: ही वापस अध्यक्ष बन गए है। जबकि भाजपा के आशीष गांधी ने कहा कि अभी सरकार से कोई आदेश नहीं है। सरकार से मार्गदर्शन मांगा गया है। अगर सरकार उन्हें अध्यक्ष का मार्गदर्शन देती है तो वे स्वतः: ही अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे देंगे। पालिका अध्यक्ष को लेकर राजनीति में मचा घमासान
कुर्सी की लड़ाई के बीच ही नरेंद्र खोड़निया के अध्यक्ष की नेम प्लेट भी कमरे के बाहर लगा दी गई। वही नगर पालिका अध्यक्ष के कार्यकाल के बोर्ड पर 20वें नंबर आशीष गांधी का नाम दर्ज है। उनका कार्यकाल 2 मई 2025 से लेकर 12 जनवरी 2026 कर दिया गया है। वही 21वें नंबर पर नरेंद्र खोड़निया का नाम लिखा गया है। कांग्रेस के अध्यक्ष को 9 महीने पहले किया था निलंबित
दरअसल वर्ष 2017 में बने सागवाड़ा नगरपालिका भवन को गिराकर सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और पद के दुरुपयोग के आरोप में सरकार ने 10 अप्रैल 2025 को कांग्रेस के नगर पालिका अध्यक्ष नरेंद्र खोड़निया को निलंबित कर दिया था। उनके साथ ही कांग्रेस के नगरपालिका उपाध्यक्ष मोहम्मद इस्माइल घांची को भी निलंबित कर दिया था। 2 मई 2025 को भाजपा पार्षद आशीष गांधी बने अध्यक्ष
इसके बाद सरकार ने 2 मई 2025 को भाजपा के पार्षद आशीष गांधी को सागवाड़ा नगरपालिका का अध्यक्ष मनोनीत कर दिया था। उसी दिन उन्होंने पदभार ग्रहण कर लिया था। वे आज तक सागवाड़ा नगरपालिका अध्यक्ष का कामकाज देख रहे है। लेकिन 9 महीने 4 दिन बाद कांग्रेस के नरेंद्र खोड़निया स्टे आदेश लेकर कुर्सी पर बैठ गए। ऐसे में सागवाड़ा नगरपालिका में अध्यक्ष की कुर्सी पर फिर से राजनीतिक घमासान शुरू हो गया है।


