डूंगरपुर जिले की सागवाड़ा नगर पालिका में कांग्रेस के नरेंद्र खोड़निया ने बुधवार को अध्यक्ष पद की कुर्सी दोबारा संभाल ली। निलंबन के 9 महीने 4 दिन बाद वे हाईकोर्ट के स्थगन आदेश लेकर पहुंचे।
हालांकि, भाजपा के वर्तमान अध्यक्ष ने इसे मनमर्जी बताया, जबकि आयुक्त ने सरकार से मार्गदर्शन मांगने की बात कही है, जिससे पद को लेकर असमंजस बना हुआ है। मकर संक्रांति के अवसर पर कांग्रेस के एआईसीसी सदस्य दिनेश खोड़निया के भाई नरेंद्र खोड़निया हाईकोर्ट के स्थगन आदेश की प्रति लेकर सागवाड़ा नगर पालिका पहुंचे। कांग्रेस समर्थित पार्षदों और पदाधिकारियों की मौजूदगी में उन्होंने अध्यक्ष के चैंबर में जाकर पदभार ग्रहण किया। खोड़निया बोले- कोर्ट ने निलंबन निरस्त किया
पदभार ग्रहण करने के बाद नरेंद्र खोड़निया ने कहा कि कोर्ट ने जब उनका निलंबन निरस्त कर दिया है, तो वे स्वतः ही अध्यक्ष हैं। इस दौरान भाजपा और सरकार की ओर से नियुक्त अध्यक्ष आशीष गांधी नगर पालिका में मौजूद नहीं थे।
आशीष गांधी ने इस कार्रवाई को मनमर्जी बताया। उन्होंने कहा कि सरकार ने अभी उन्हें पदभार ग्रहण के कोई आदेश नहीं दिए हैं। बिना किसी आदेश के खोड़निया का कुर्सी पर बैठना गलत है। नियमानुसार, उन्हें पहले सरकार के आदेश लेकर ही पदभार ग्रहण करना चाहिए था। नगर पालिका आयुक्त मोहम्मद सोहिल शेख ने बताया कि नरेंद्र खोड़निया ने उन्हें हाईकोर्ट से निलंबन पर स्थगन आदेश की प्रति दी है। पदभार ग्रहण को लेकर उन्होंने सरकार से मार्गदर्शन मांगा है। सरकार के निर्देशों के बाद ही आगे की प्रक्रिया और कार्रवाई की जाएगी।


