राजस्थान अपने शाही अंदाज और महल किलों में मुगल शैलियों में नक्काशी के लिए मशहूर है। धरोहर की इसी खूबसूरती को मॉर्डन टच देते हुए इंटीरियर डिजाइनर व आर्किटेक्ट होम डेकोर में लाने लगे हैं। शुक्रवार को डेकोर इंडिया शो के दूसरे दिन ऐसे कई 3 डी डोर पैनल्स देखने को मिले, जिनमें ठीकरी व इनले वर्क किए जाने लगे हैं। शो में सुनिल सारस्वत सागवान लकड़ी में बने 10 फुट का मंदिर शो में लेकर पहुंचे हैं इसे राजस्थान, प. बंगाल व दक्षिण भारत के कारीगरों ने 3 महीने में तैयार है। इसे हाथों कार्विंग करके तैयार है। इसमें 25 मोर भी उकेरे गए है। कीमत करीब 4 लाख 91 हजार है। इन्होंने हाल ही में वंृदावन में बन रहे दुनिया के सबसे ऊंचे मंदिर चंद्रोदय के लिए मयू्र थीम पर रथ बनाकर भेजा है। मंदिर के ट्रस्ट का दावा है कि यह दुनिया का सबसे पहला सबसे ऊंचा मंदिर होगा। 6 महीने में 50 लाख की लागत में तैयार किया है। बबूल की लकड़ी से तैयार स्पेस सेविंग सेंटर टेबल कम डाइनिंग टेबल एग्जीबिटर मधु गुप्ता अपने बेटे तन्मय और हसबैंड के साथ अपने स्टॉल पर स्पेस सेविंग फर्नीचर के साथ शो का हिस्सा बनी हैं। वे प्लांटर सैट, किचन स्टूल, चेयर कम लैडर, फोल्डेबल डाइनिंग टेबल, बेंच कम डाइनिंग जैसे कई फर्नीचर लेकर आए हैं। इसके बूथ पर सेंटर टेबल कम डाइनिंग टेबल दिखा। जिसे फोल्ड करके डाइनिंग टेबल में कंवर्ट कर सकते हैं। इसे बबूल लकडी से तैयार किया है। यह 6 सिटर है। कीमत 50 हजार रुपए है। अमूमन ऑफिस में बेंच को लंच या डिनर के वक्त डाइनिंगटेबल बना सकें, ऐसी फर्नीचर लेकर आए हैं। एक समय में 4- 6 लोग साथ में बैठ सकते हैं। कीमत 22 हजार रुपए है। एबीबी तकनीक वाले चूल्हे खास शो के आयोजक शकुन ग्रुप के गोकुल माहेश्वरी ने बताया कि इस शो में आधुनिक उत्पाद शोकेस किए जा रहे हैं। यहां विभिन्न कंपनियों द्वारा डिजाइनर फर्नीचर की भी विस्तृत रेंज है। ग्लेन की ओर से मॉड्यूलर किचन से संबंधित कई प्रोडक्ट हैं। अनंत पारीक ने बताया कि हम यहां भारतीय तकनीक पर आधारित चिमनी, चूल्हे, माइक्रोवेव सहित कई किचन एप्लाइंसेज प्रदर्शित कर रहे हैं। इनमें बीएलवीसी तकनीक वाली चिमनी व एबीबी तकनीक वाले चूल्हे खास हैं। इन चूल्हों में कार्बन चौक नहीं होता, जिससे ये ईको फ्रेंडली व अधिक सुरक्षित होते हैं। फाइबर ग्लास का स्वीमिंग पूल }होटल, एयर बीएनबी या अपार्टमेंट में इंस्टॉलेशन के लिए कार्बन फाइबर में तैयार स्वीमिंग पूल दिखा। इसका वजन भी अधिक नहीं होता। यह आसानी से खराब नहीं होता। ये जमीन या छत पर इंस्टॉल कर सकते हैं। इसमें आसानी से काई भी नहीं लगती। इसके अलावा जकूजी स्पा भी देखने को मिला। जिसमें कई तरह के जेट लगा सकते हैं। जैसे बबल जेट, शूटर, हाइड्रो थेरेपी लाइटें कस्टमाइज करके लगा सकते हैं।


