साढ़ेसाती और ढैय्या के कष्टों से निवारण के लिए भक्तों ने शनिदेव की आराधना की

भास्कर न्यूज | इटखोरी मां भद्रकाली मंदिर प्रांगण स्थित शनि देव मंदिर में शनिवार सुबह और शाम मंदिर के पुजारी पंकज पांडेय ने श्रद्धा और भक्ति के साथ आरती पूजन की। आरती पूजन के बाद देश में ग्रह शांति, शनि दोष, साढ़ेसाती और ढैय्या के कष्टों से निवारण के लिए भक्तों ने भगवान शनिदेव की पूजा-अर्चना कर खुशहाली और समृद्धि के लिए भगवान शनिदेव की प्रतिमा के समक्ष खड़े होकर आराधना की। आरती पूजन में श्रद्धालुओं की भी बड़ी संख्या में भीड़ जुटी रही। इससे पूर्व पुजारियों ने भगवान शनिदेव की प्रतिमा को तिल का तेल लगाकर उनकी आराधना की। फिर 12 बजे दिन में पुजारियों ने भगवान शनिदेव की विधि-विधान के साथ खिचड़ी का भोग लगाए। जिस महाप्रसाद को मंदिर आए श्रद्धालुओं के बीच वितरण किया गया। आरती के वक्त पुजारियों ने तिल और सरसों के तेल से दीपक जलाकर भक्तिभाव के साथ आरती उतारी। यहां की मान्यता है कि मां भद्रकाली मंदिर परिसर में विराजमान भगवान शनिदेव की प्रतिमा अद्वितीय और अलौकिक है। यहां आए श्रद्धालु मां की पूजा अर्चना के बाद भगवान शनिदेव मंदिर पहुंचकर हाथ बांधकर अपने लिए क्षमा प्रार्थी की कामना करते हैं। शनिवार को मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या में भीड़ मां भद्रकाली एवं शनिदेव की पूजा-अर्चना और आराधना के लिए जुटी रही। भक्तों ने जय मां भद्रकाली एवं जय शनिदेव और हर हर महादेव की जयकारे लगाते रहे, जिससे पूरा मंदिर प्रांगण भक्तिमय हुआ।

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