केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के जयपुर परिसर में राष्ट्रीय कार्यशाला का आयोजन किया गया था जिसका समापन किया गया। कार्यशाला का विषय नाट्यशास्त्र पर आधारित नाट्य लेखन था। लगभग 40 स्टूडेंट्स की इसमें सहभागिता रही। सभी ने एक-एक अंक लिखकर के प्रस्तुति की। इसी कार्यक्रम के साथ परिसर के साहित्य विद्या शाखा के अध्यक्ष प्रो.रामकुमार शर्मा का सेवानिवृत्ति कार्यक्रम भी रखा गया था। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. श्रीनिवास वरखेड़ी उपस्थित रहे। उन्होंने नाट्यशास्त्र पर आधारित कार्यशाला का विस्तार करने की बात कही और प्रो.रामकुमार शर्मा के लिए उन्होंने कहा कि उनकी सेवा निवृत्ति विश्वविद्यालय से है आचार्य पद से नहीं एक आचार्य हमेशा आचार्यत्व स्वयं में निहित रखता है। साथ ही संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रो.अभिराज राजेन्द्र मिश्र उपस्थित रहे। उन्होंने कार्यशाला के सुखी अनुभव के साथ प्रो.रामकुमार शर्मा के ऊपर स्वरचित काव्य के वाचन से उनको सम्मानित किया। विश्वविद्यालय के भोपाल परिसर के निदेशक प्रो. रमाकांत पांडेय सारस्वत अतिथि के रूप में उपस्थित थे। उन्होंने भी प्रो. रामकुमार शर्मा जी के ऊपर अपने काव्य का पाठ किया। विशिष्टातिथि के रूप में जयपुर परिसर के ही सह निदेशक प्रो.वाई.एस.रमेश उपस्थित थे, उन्होंने इस कार्यशाला की प्रशंसा की और ऐसी ही अन्य कार्यशालाओं के आयोजन की बात कही। प्रोफेसर रामकुमार शर्मा ने भी अपनी सेवानिवृत्ति के अवसर पर उद्बोधन किया और अपने जीवन संबंधी कुछ घटनाओं को बताया। कार्यक्रम के अध्यक्ष जयपुर परिसर के निदेशक प्रोफेसर सुदेश कुमार शर्मा ने भी कार्यशाला के लिए प्रोत्साहित किया और अन्य भी ऐसी कार्यशालाओं के आयोजन की बात कही। साथ ही प्रोफेसर रामकुमार शर्मा के जयपुर परिसर को दिए अद्वितीय योगदान के लिए धन्यवाद ज्ञापन किया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. ललित किशोर शर्मा ने किया। एवं डॉ. राकेश कुमार जैन एवं डॉ. विपाशा जैन ने कार्यशाला का प्रतिवेदन प्रस्तुत किया।


