भास्कर न्यूज | जालंधर पंजाब रोडवेज, पनबस और पीआरटीसी कांट्रेक्ट वर्कर यूनियन की तरफ से सोमवार को अपनी मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ बड़े पैमाने पर प्रदर्शन किया गया। पंजाब के सभी डिपो में जेलों में बंद कर्मचारियों की रिहाई को लेकर गेट रैली आयोजित की गई। जालंधर के दोनों डिपो में आयोजित रैली को संबोधित करते हुए दलजीत सिंह जल्लेवाल ने कहा कि सरकार युवाओं को रोजगार देने में पूरी तरह विफल रही है। पिछले 15-20 सालों से कॉन्ट्रैक्ट और आउटसोर्स कर्मचारियों को स्पेशल कैडर पॉलिसी 2023 के नाम पर नई मुश्किलों में फंसा दिया गया है। उन्होंने कहा कि इसी नीति के खिलाफ हाल ही में शिक्षकों ने मोहाली में धरना भी दिया था। यूनियन नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने, परिवहन विभाग को मजबूत करने और किसानों, मजदूरों व कर्मचारियों की मांगों का समाधान करने में नाकाम रही है। अपनी नाकामी छिपाने के लिए सरकार पुलिस प्रशासन के जरिए कर्मचारियों की आवाज दबा रही है। उन्होंने कहा कि सरकार निजीकरण को बढ़ावा दे रही है।
यूनियन ने चेतावनी दी कि 11 फरवरी को दोपहर से शाम तक बसें बंद रहेंगी और 12 फरवरी को मुख्यमंत्री पंजाब के आवास के बाहर पूर्ण चक्का जाम कर धरना दिया जाएगा। इस अवसर पर जसवीर सिंह, मलकीत सिंह, निशान सिंह, राम चंद मौजूद थे। गेट रैली के दौरान कर्मचारियों को संबोधन करते हुए दलजीत सिंह। नई सरकारी बसें डिपो में खड़ीं, इसे रिपेयर कराएं सरकार ने अब तक रोडवेज में नई सरकारी बसें शामिल नहीं की हैं और मौजूदा बसें टायर और स्पेयर पार्ट्स की कमी के कारण डिपो में खड़ी खराब हो रही हैं। निजी बस मालिकों को फायदा पहुंचाने के लिए यह योजना लाई जा रही है, जिसे यूनियन ने सख्त विरोध किया। संगरूर और पटियाला में कर्मचारियों पर 307 जैसी धाराएं लगाई गईं और उन्हें अभी तक रिहा नहीं किया गया।


