अजय वर्मा | गिद्दी डाड़ी प्रखंड की एक लाख की आबादी की स्वास्थ्य व्यवस्था भगवान भरोसे चल रहा है। डाड़ी प्रखंड बने 17 साल हो गया है। आज भी प्रखंड में एक भी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नहीं है। झारखंड सरकार का स्वास्थ्य विभाग जहां डाड़ी प्रखंड में उप स्वास्थ्य केंद्र से काम चला रहे हैं। वहीं डाड़ी प्रखंड के पांच पंचायत की लगभग 40 हजार आबादी गिद्दी स्थित सीसीएल आदर्श क्षेत्रीय अस्पताल पर निर्भर है, परंतु सीसीएल गिद्दी अस्पताल की व्यवस्था भी लचर है। वर्तमान में गिद्दी अस्पताल में केवल ओपीडी की चल रही है। कभी-कभी अस्पताल में मरीजों को भर्ती भी किया जाता है। परंतु दुर्घटना एवं अन्य थोड़ा सा सीरियस मरीजों को चिकित्सकों द्वारा अविलंब रेफर कर दिया जाता है। पूर्व में गिद्दी अस्पताल में थी सारी व्यवस्था गिद्दी अस्पताल में पूर्व में आंख का ऑपरेशन होता था, अस्पताल में पदस्थापित डॉ. एन पंडित शिविर लगाकर एवं बिना शिविर के भी आंख का ऑपरेशन करते थे। इसके अलावा गिद्दी अस्पताल में जरूरत के अनुसार छोटे-मोटे ऑपरेशन हो जाते थे। उनके नईसराय तबादला के बाद आंख का ऑपरेशन होना बंद हो गया। वहीं मशीन को भी सीसीएल प्रबंधन द्वारा दूसरे स्थान पर भेज दिया गया। इसके बाद सीसीएल गिद्दी अस्पताल में मरीजों का आंख का ऑपरेशन बंद हो गया। वहीं गिद्दी अस्पताल में एक्स-रे से लेकर खून जांच तक होती थी। परंतु आज सब बंद है। मरीजों को इलाज के 60 किमी दूर रांची या 20 किमी हजारीबाग जाना पड़ता है झारखंड सरकार द्वारा 17 साल में प्रखंड में एक भी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नहीं बनाने एवं सीसीएल प्रबंधन के उदासीनता के कारण गिद्दी अस्पताल की व्यवस्था लचर हो जाने के कारण एक लाख आबादी को 20 से 60 किलोमीटर दूर उपचार कराने जाना पड़ता है। क्षेत्र के ग्रामीण उपचार कराने रामगढ़, हजारीबाग एवं रांची उपचार कराने जाते हैं। समय पर एंबुलेंस नहीं मिलने के कारण कभी-कभी उपचार में देरी के कारण कई ग्रामीण मौत के आगोश में समा चुके हैं।


