सारंगढ़ में मुख्यमंत्री कन्या सामूहिक विवाह में फर्जीवाड़ा:विवाह सूची में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ने शादीशुदा बेटे का नाम किया शामिल, प्रोजेक्ट अफसर ने भेजा नोटिस

छत्तीसगढ़ के सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत 25 मार्च को होने वाले सामूहिक विवाह समारोह से पहले लापरवाही सामने आई है। यहां 218 जोड़ों में से एक जोड़ा पहले से शादीशुदा निकला, जिसे इस योजना में शामिल कर लिया गया था। यहां आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ने जानकारी छिपाकर अपने शादीशुदा बेटे और बहू का नाम योजना की लाभार्थियों की लिस्ट में जोड़ दिया था। इस गड़बड़ी की जानकारी मिलते ही जिला कार्यक्रम अधिकारी बृजेश सिंह ठाकुर ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ता भजन बाई और सेक्टर पर्यवेक्षक अरुणा चौहान को नोटिस किया। यह मामला सारंगढ़ का है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के बेटे-बहू का नाम लिस्ट में शामिल
मिली जानकारी के अनुसार, सारंगढ़ के मंडी प्रांगण में 25 मार्च को दोपहर 12 बजे मुख्यमंत्री कन्या सामूहिक विवाह का आयोजन किया जाना है। इसमें ग्वालिनडीह-1 की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता भजन बाई के बेटे और बहू का नाम मुख्यमंत्री कन्या सामूहिक विवाह योजना की सूची में शामिल किया गया। उनके बेटे का नाम विशाल टंडन और बहू का नाम मानसी है। दोनों की शादी पहले ही 17 नवंबर 2024 को हो चुकी थी। इसके बावजूद, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ने योजना का लाभ दिलाने के उद्देश्य से दोनों का नाम विवाह सूची में जोड़ दिया। जब यह मामला सामने आया, तो जिला कार्यक्रम अधिकारी ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ता भजन बाई और सेक्टर पर्यवेक्षक अरुणा चौहान को नोटिस जारी कर जवाब मांगा। यदि उनका जवाब संतोषजनक नहीं पाया जाता है, तो आंगनबाड़ी कार्यकर्ता की सेवा समाप्त करने और सेक्टर पर्यवेक्षक के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करने की बात कही गई है। लिस्ट से हटाया शादीशुदा जोड़े का नाम
इस मामले पर जब दैनिक भास्कर डिजिटल की टीम ने जिला कार्यक्रम अधिकारी बृजेश सिंह ठाकुर से बात की, तो उन्होंने बताया कि जानकारी मिलते ही शादीशुदा जोड़े के नाम को लिस्ट से हटा दिया गया है। वहीं आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सेक्टर पर्यवेक्षक को नोटिस जारी किया गया है। उन्होंने कहा, परियोजना अधिकारी सीधे तौर पर इसके लिए जिम्मेदार नहीं होते, क्योंकि उनके पास कई आवेदनों की जांच की जिम्मेदारी होती है। सबसे बड़ी जिम्मेदारी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता की होती है, क्योंकि वे स्थानीय स्तर पर आवेदन की जांच करते हैं। उन्होंने बताया कि हमारे पास करीब 260 आवेदन आए थे। अपात्र आवेदनों को हटाने के बाद 218 योग्य जोड़े विवाह में शामिल होंगे। यदि और कोई पहले से शादीशुदा पाया जाता है, तो उन्हें भी हटा दिया जाएगा। फिलहाल, सिर्फ एक मामला सामने आया है, लेकिन फिर जांच की जा रही है। सामूहिक विवाह में 218 जोड़े लेंगे हिस्सा
बतादें कि सारंगढ़ के मुख्यमंत्री कन्या सामूहिक विवाह योजना के तहत 218 जोड़ों का विवाह 25 मार्च को संपन्न होगा। इसमें वित्त मंत्री ओपी चौधरी और राजस्व एवं युवा कल्याण खेलकूद मंत्री टंकराम वर्मा शामिल होंगे।

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