पश्चिमी सिंहभूम के सारंडा जंगल में नक्सलियों द्वारा लगाए गए आईईडी ब्लास्ट में घायल हुए छह साल के जंगली हाथी की इलाज के दौरान मौत हो गई। हाथी का नाम ‘गडरु’ है। बीते दस दिनों से वह जंगल में घायल हालत में भटक रहा था। वन विभाग की तमाम कोशिशों के बावजूद उसकी जान नहीं बचाई जा सकी। वन विभाग और गुजरात के वनतारा की मेडिकल टीम ने शनिवार की देर शाम हाथी को ट्रैंकुलाइज किया। इसके बाद उसे सारंडा के दीघा से जराईकेला लाया गया। रातभर इलाज की कोशिशें जारी रहीं, लेकिन ज्यादा खून बह जाने और शरीर में अंदरूनी जख्म के कारण उसने दम तोड़ दिया। आज मृत हाथी का पोस्टमॉर्टम किया जाएगा। 24 जून को हुआ था हादसा, 27 जून को मिला था ड्रोन से सुराग घटना 24 जून की बताई जा रही है, जब सारंडा जंगल के दीघा इलाके में एक हाथी आईईडी विस्फोट की चपेट में आ गया। विस्फोट में उसके पिछले बाएं पैर में गंभीर चोट लगी थी। हाथी के शरीर से लगातार खून बह रहा था और वह चलने-फिरने में असमर्थ हो गया था। वन विभाग ने ड्रोन की मदद से हाथी की लोकेशन ट्रैक की थी। अंतिम बार उसे 27 जून को दीघा गांव के पास देखा गया था। ड्रोन से मिले फुटेज में हाथी के पैर में सूजन और खून के निशान साफ नजर आ रहे थे। उसके बाद हाथी को ट्रैंकुलाइज कर रेस्क्यू करने की योजना बनी। छह टीमें लगी थीं तलाश में, ओडिशा से भी बुलाई गई थी मदद घायल हाथी को खोजने और इलाज देने के लिए झारखंड और ओडिशा के विभिन्न वन क्षेत्रों से टीमें बुलायी गई थीं। जमशेदपुर रीजन की आरसीसीएफ स्मिता पंकज और सारंडा के डीएफओ अभिरूप सिन्हा खुद रेस्क्यू अभियान की निगरानी कर रहे थे। गुजरात के वनतारा आश्रय स्थल से आए डॉ. तेनजिंग भी टीम के साथ मौजूद थे। हाथी की तलाश में कुल छह टीमें लगी थीं, जिनमें ओडिशा की वेटनरी डॉक्टरों की टीम भी शामिल थी। जंगल का इलाका दुर्गम होने और हाथी के लगातार मूवमेंट के कारण रेस्क्यू में काफी दिक्कतें आ रही थीं। नक्सली हिंसा का अब वन्यजीव भी शिकार इस घटना ने एक बार फिर नक्सली हिंसा की भयावहता को उजागर कर दिया है। अब तक इंसानों को निशाना बनाने वाले नक्सली, अब वन्यजीवों के लिए भी खतरा बनते जा रहे हैं। हाथी की मौत से वन विभाग ही नहीं, स्थानीय ग्रामीण भी दुखी हैं। ग्रामीणों ने वन विभाग से मांग की है कि जंगल में लगे विस्फोटकों को जल्द से जल्द हटाया जाए और वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए पुख्ता इंतजाम किए जाएं। वहीं, वन विभाग अब पूरे घटनाक्रम की समीक्षा कर रहा है।


