सारंडा में फिर आईईडी ब्लास्ट:एक युवती की मौत, दो महिलाएं गंभीर, आठ पुुरुष-चार महिलाएं कतारबद्ध चल रहे थे, अचानक हुआ विस्फोट

लेबरागढ़ा जंगल से पत्ता चुनकर लौट रहे थे 12 लोग, तभी जोर से हुआ धमाका
सारंडा के लेबरागढ़ा जंगल में शुक्रवार दोपहर एक बार फिर आईईडी विस्फोट हो गया। इसमें कोलबोंगा गांव की फूलो धनवार (18) की मौत हो गई। दो महिलाएं बिरसी धनवार और सालमी कंडूलना गंभीर रूप से घायल हैं। सालमी लाइलोर पंचायत की मुखिया बिरसा कंडूलना की बहन है। मनोहरपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में प्राथमिक उपचार के बाद दोनों को रेफर कर दिया गया है। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक रोजाना की तरह गांव की आठ महिलाएं और चार पुरुष आठ किमी दूर लेबरागढ़ा जंगल में पत्ता तोड़ने गए थे। दोपहर करीब दो बजे वापसी में ये सभी पहाड़ी पर कतारबद्ध होकर चल रहे थे। इसी दौरान अचानक विस्फोट हुआ। इससे भगदड़ मच गई। चारों ओर धुआं फैल गया। जब धुएं का गुबार शांत हुआ तो फूलो और सालमी जमीन पर गिरी हुई थी। फूलो के दोनों पैरों का निचला हिस्सा गायब था। वहीं सालमी बेहोश पड़ी थी। आनन-फानन में उसे उठाकर ले जाया गया। ब्लास्ट… पत्थर-मिट्‌टी के साथ करीब 20 फीट ऊपर उछल गई थी फूलो
घायलों के मुताबिक वे लोग शुक्रवार सुबह सात बजे पत्ता चुनने जंगल गए थे। लौटते समय नक्सलियों द्वारा बिछाए गए आईईडी में विस्फोट हो गया। तीन महिलाएं इसकी चपेट में आ गई। विस्फोट इतना खतरनाक था कि पत्थर और मिट्‌टी के साथ फूलो का शरीर करीब 20 फीट ऊपर उछल गया था। जब वह जमीन पर गिरी तो उसके दोनों पैर का निचला हिस्सा गायब था। वह अपने पिता सामू धनवार के साथ गई थी। घटना के बाद ग्रामीण फूलो को लेकर अस्पताल जा रहे थे, लेकिन रास्ते में ही उसने दम तोड़ दिया। अन्य दो महिलाओं को लोगों से सीएचसी पहुंचाया। : सारंडा वन क्षेत्र में जगह-जगह बिछे हुए हैं आईईडी, जंगल में संभलकर जाएं
सारंडा में अभी भी कई नक्सली जमे हुए हैं। सुरक्षा बल भी उनके खिलाफ लगातार अभियान चला रहा है। सुरक्षा बल उन तक न पहुंचे, इसके लिए नक्सलियों ने जंगल में जगह-जगह आईईडी का जाल बिछा रखा है। साथ ही गांववालों को कई बार चेताया भी है कि वे जंगल में न जाएं। इस इलाके में आईईडी विस्फोट से इस साल दो बच्ची और एक युवती की मौत हो चुकी है। पहली घटना सात जनवरी की है। तिरिलपोसी के पास रादापोरा जंगल में ​आईईडी विस्फोट में 10 साल की सनिका गागराई की मौत हो गई थी। दूसरी घटना 28 अक्टूबर को दीघा के पास हुई थी। इसमें 10 साल की बच्ची सीरिया हेरेंज की जान चली गई थी। वहीं एक अन्य विस्फोट में एक युवती की मौत हुई थी। इस इलाके में इस साल सुरक्षा बलों के चार अधिकारी और जवान भी शहीद हुए हैं, जबकि आठ अधिकारी और जवान घायल है।

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