सालभर बाद भी मुआवजा नहीं:नवा रायपुर में 4 किलोमीटर सड़क बनाने में खर्च हुए 14 करोड़ रुपए; किसानों को भरोसे में रख खेतों से निकाल दी सड़क

नवा रायपुर में चेरिया से पाँता गांव के बीच एक साल पहले चार किलोमीटर सड़क का निर्माण किया गया। गांव के बाहर से निकाली गई इस सड़क के किनारे गांव के पांच किसानों के खेत का कुछ हिस्सा आ रहा था। विभाग के अफसरों ने किसानों को मुआवजा देने का भरोसा दिलाकर उनकी जमीन ले ली, सड़क बनकर तैयार भी हो गई लेकिन आज तक उन्हें मुआवजा नहीं मिल पाया है। बताया गया है कि नवा रायपुर के लोक निर्माण विभाग संभाग तीन द्वारा चार किलोमीटर की यह सड़क करीब 14 करोड़ रुपए में बनाई गई है। विभाग ने इस सड़क से होकर चेरिया गांव के पांच किसानों की जमीन अधिग्रहित की थी। किसानों ने बताया कि वे कई बार नवा रायपुर के पीडब्ल्यूडी दफ्तर और ईएनसी ऑफिस के चक्कर लगा चुके हैं लेकिन बार-बार उनसे यही कहा जा रहा है कि जल्द ही उन्हें मुआवजा दे दिया जाएगा। लेकिन अभी तक उन्हें आश्वासन के सिवाय कुछ नहीं मिला है। किसान इंदुराम पाल और सोनसाय तारक ने बताया कि – अधिकारियों ने भरोसे में लेकर उन्हें मुआवजा दिए बगैर सड़क का निर्माण कर दिया है। एसडीएम ने पीडब्ल्यूडी को भेजी थी चिट्टी अभनपुर एसडीएम कार्यालय से जमीन अधिग्रहण के बदले किसानों को मुआवजा देने के लिए 19 सितंबर 2024 को नवा रायपुर के पीडब्ल्यूडी संभाग 3 को चिट्ठी भेजी गई थी। इसमें कहा गया था कि प्रभावित किसानों के नाम से मुआवजा राशि का चेक जारी कर इसकी जानकारी प्रदान करें, लेकिन इसके बाद भी उन्हें आज तक मुआवजा नहीं दिया गया है। सोनसाय के नाम पर 11 लाख किसान सोनसाय ने बताया कि उनके नाम पर 62 नंबर का खसरा है जिसकी 764 वर्गमीटर जमीन अधिग्रहित की गई थी। इस जमीन के एवज में उनके नाम पर सात लाख 47 हजार रुपए का मुआवजा निर्धारित किया गया था। साथ ही पुर्नवास अनुदान के रुप में 3 लाख 73 हजार रुपए देने की बात कही गई थी। लता ध्रुव को मिलेंगे 16 लाख लता ध्रुव ने बताया कि सड़क बनाते समय बाद में मुआवजा देने की बात कही गई थी, लेकिन सालभर से चक्कर काट रहे हैं। उनके नाम पर दर्ज 69/1 खसरे की 170 वर्गमीटर जमीन अधिग्रहित की गई है। इसके लिए उन्हें 11 लाख 19 हजार मुआवजा और पांच लाख रुपए का पुर्नवास अनुदान दिया जाना था। शैलेंद्री विश्वकर्मा को 33 लाख रुपए का किया जाना है भुगतान शैलेंद्री के नाम पर 67 नंबर खसरे की 702 वर्गमीटर जमीन अधिग्रहित की गई है। इसके एवज में उन्हें 28 लाख 14 हजार मुआवजा और पांच लाख पुर्नवास अनुदान के रुप में दिया जाना है। इस तरह उन्हें कुल 33 लाख का भुगतान पीडब्ल्यूडी द्वारा किया जाना है। किसानों को जल्द मिल जाएगा मुआवजा यह मामला उनके संज्ञान में आया है। तालाब पार को लेकर कुछ अड़चनें थी उसे दूर कर लिया गया है। जल्द ही प्रभावित किसानों को मुआवजा प्रदान कर दिया जाएगा। – वीके भतपहरी, ईएनसी, पीडब्ल्यूडी

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