किसानों को मिलने वाली सब्सिडी युक्त यूरिया खाद की कालाबाजारी के खिलाफ सालमगढ़ पुलिस ने सख्त रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई की है। जिला पुलिस अधीक्षक बी. आदित्य के निर्देश पर जिला स्पेशल टीम और सालमगढ़ थाना पुलिस ने संयुक्त अभियान चलाकर अवैध यूरिया परिवहन का भंडाफोड़ किया। कार्रवाई के दौरान दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जबकि 110 बैग यूरिया खाद और एक पिकअप वाहन जब्त किया गया है। यह पूरी कार्रवाई अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक गजेंद्रसिंह जोधा और पुलिस उप अधीक्षक वृत्त अरनोद चंद्रशेखर पालीवाल के मार्गदर्शन में अंजाम दी गई। सालमगढ़ थानाधिकारी दीपक कुमार के नेतृत्व में गठित टीम को सूचना मिली थी कि सालमगढ़ क्षेत्र से अवैध रूप से यूरिया खाद भरकर घाटोल की ओर ले जाई जा रही है। सालमगढ़-घंटाली रोड पर नाकाबंदी, पिकअप पकड़ी सूचना की पुष्टि के बाद पुलिस ने कृषि विभाग के अधिकारियों को साथ लेकर सालमगढ़-घंटाली रोड पर नाकाबंदी की। इसी दौरान एक तिरपाल से ढकी पिकअप वाहन संख्या आरजे-03-जीए-7027 को रोका गया। तलाशी लेने पर वाहन में इंडियन पोटाश लिमिटेड (IPL) कंपनी के ‘भारत यूरिया 46 प्रतिशत नाइट्रोजन’ के 110 बैग पाए गए, जिनका वजन प्रति बैग 45 किलो था। वैध दस्तावेज नहीं मिलने पर कार्रवाई वाहन चालक से यूरिया खाद के क्रय-विक्रय से संबंधित बिल या अनुमति पत्र मांगे गए, लेकिन वह कोई भी वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका। प्रारंभिक पूछताछ में खुलासा हुआ कि यह यूरिया सालमगढ़ स्थित मैसर्स डीलर मांगीलाल पन्नालाल जैन (प्रवीण जैन) की दुकान से अवैध रूप से भरवाया गया था और घाटोल क्षेत्र में सप्लाई के लिए ले जाया जा रहा था। पुलिस ने जब्त किए गए सभी 110 बैग यूरिया को लैम्प्स सालमगढ़ के गोदाम में सुरक्षित रखवाया है। वहीं, पिकअप वाहन को डिटेन कर सालमगढ़ थाने में खड़ा किया गया है। दो आरोपी गिरफ्तार, जांच जारी इस मामले में वाहन चालक शंकर पिता धनजी, निवासी रूजिया, थाना घाटोल और परिचालक गुलाब पिता हीरालाल गायरी, निवासी देलवाड़ा लोकिया, थाना घाटोल को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने आवश्यक धाराओं में प्रकरण दर्ज कर अवैध यूरिया सप्लाई नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि किसानों के लिए निर्धारित खाद की कालाबाजारी और सरकारी संसाधनों के दुरुपयोग को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ऐसे मामलों में लगातार निगरानी रखते हुए कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।


