भास्कर न्यूज | नारायणपुर नक्सल मुक्त भारत एवं नक्सल मुक्त छत्तीसगढ़ के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए जिला पुलिस और सीमा सुरक्षा बल ने वर्ष 2026 का पहला सुरक्षा एवं जन सुविधा कैंप जटवर में स्थापित कर महत्वपूर्ण उपलब्धि दर्ज की है। कोहकामेटा थाना क्षेत्रांतर्गत खुला यह नया कैंप नक्सल प्रभावित अबूझमाड़ में सुरक्षा विस्तार और विकास कार्यों की गति बढ़ाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा। वर्ष 2025 में नारायणपुर पुलिस ने 27 नए सुरक्षा कैंप स्थापित किए थे, जिनमें कुतुल, कोडलियार, बेड़माकोटी, पदमकोट, कंडुलपार, पांगुड़, रायनार, एड़जूम, आइदवाया, कुड़मेल सहित कई महत्वपूर्ण नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में मजबूत सुरक्षा तंत्र खड़ा किया गया। अब 2026 की शुरुआत में जटवर में स्थापित यह नया कैंप नारायणपुर पुलिस, डीआरजी, बस्तर फाइटर तथा बीएसएफ की 86वीं, 178वीं, 83वीं और 133वीं वाहिनी के संयुक्त प्रयासों का परिणाम है। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में चलाए जा रहे माड़ बचाओ अभियान के अंतर्गत जटवर में इस कैंप की स्थापना का उद्देश्य कोहकामेटा–कच्चापाल–प रियादी एक्सिस तक हो रहे सड़क निर्माण कार्य को सुरक्षा देना, नक्सल विरोधी अभियानों को मजबूत करना तथा गांवों तक शासन की योजनाओं को सुचारू रूप से पहुंचाना है। जटवर, जिला मुख्यालय नारायणपुर से 54 किमी, थाना कोहकामेटा से 26 किमी तथा कोडनार से 6 किमी की दूरी पर स्थित है। कैंप स्थापित होने से क्षेत्र के ग्रामीणों में सुरक्षा की भावना बढ़ी है और विकास कार्यों के तेज होने की उम्मीद जागी है। कैंप स्थापना के बाद कोगाली, वारापिद्दा, वडापेंदा, करकाबेड़ा, गुरगापदर, घमंडी और जटवर आसपास के गांवों में सड़क, पुल-पुलिया, शिक्षा, चिकित्सा सुविधाएं और मोबाइल नेटवर्क कनेक्टिविटी के विस्तार में तेजी आएगी। सुरक्षा निगरानी बढ़ने के कारण अब सड़क निर्माण और अन्य आधारभूत सुविधाएं निर्बाध रूप से आम जनता तक पहुंच सकेंगी। इस महत्वपूर्ण अभियान के तहत पुलिस, डीआरजी, बस्तर फाइटर और बीएसएफ के संयुक्त बलों ने जटवर में सफलतापूर्वक कैंप स्थापित किया। यह कैंप न केवल सुरक्षा का नया आधार बनेगा, बल्कि नक्सल प्रभावित अबूझमाड़ को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।


