मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में इस साल की कैबिनेट की अंतिम बैठक बुधवार को होने जा रही है। इसमें सबसे अहम निर्णय तेंदूपत्ता खरीदी को लेकर होने की संभावना है। इसके लिए बैठक में राज्य लघु वनोपज सहकारी संघ मर्यादित के माध्यम से बैंकों और वित्तीय संस्थानों से 400 करोड़ रुपए के लोन लेने की दिए जाने के आसार हैं। दरअसल, छत्तीसगढ़ सरकार ने तेंदूपत्ता खरीदी प्रति मानक बोरा 4000 रुपए से बढ़ाकर 5500 रुपए कर दी है। इससे प्रदेश के 12 लाख 50 हजार संग्राहक परिवारों को सीधा लाभ मिल रहा है। एक मानक बोरा में 100 गड्डी तेंदूपत्ता होती हैं, और एक गड्डी में करीब 500 पत्ते होते हैं, यानी एक बोरे में लगभग 50,000 पत्ते होते हैं। संग्रहण दर में बढ़ोतरी से संग्राहक परिवारों को 240 करोड़ रुपए की अतिरिक्त आय होने की संभावना है। राज्य सरकार ने बजट 2025-26 में भी तेंदूपत्ता संग्राहकों के लिए 200 करोड़ रुपए का प्रावधान भी किया है। बताया गया है कि इस बैठक में दोना-पत्तल खरीदी पर भी बात होगी साथ ही धान खरीदी की गति की समीक्षा की जाएगी। वहीं जनवरी में आयोजित होने वाले राज्य स्तरीय रोजगार मेले के आयोजन के संबंध में भी चर्चा होने की संभावना है।


