अगर आपने भी जाने-अनजाने में ट्रैफिक नियम तोड़ा है और आपके पास ई-चालान आया है तो तत्काल जमा कराएं। 90 दिनों के भीतर जुर्माना जमा नहीं करने पर मामला सीधे कोर्ट में भेजा जाएगा। इसके साथ ही आरटीओ को पत्र लिखकर वाहन का बीमा, परमिट और ड्राइविंग लाइसेंस निलंबित किया जाएगा। दो साल से ज्यादा समय तक जुर्माना जमा नहीं करने वालों की गाड़ियां जब्त की जाएंगी। पुलिस मामले में सख्ती इसलिए की जा रही है, क्योंकि पिछले साल पुलिस ने 94 हजार गाड़ियों पर ई-चालान की कार्रवाई की थी। इनमें से 49 हजार गाड़ियों का जुर्माना अब तक जमा नहीं हुआ है। अब इन गाड़ियों की जानकारी निकालकर आगे की कार्रवाई की जाएगी। कमिश्नर ऑफ पुलिस डॉ. संजीव शुक्ला के निर्देश पर 24 जनवरी से चौक-चौराहों पर खड़े होकर पुलिस की चालानी कार्रवाई बंद कर दी गई है। अब सिर्फ ई-चालान की कार्रवाई की जा रही है। यदि पुलिस के सामने कोई नियम तोड़ता है तो उसका फोटो-वीडियो बनाकर कंट्रोल रूम को भेजा जाएगा। वहां से वाहन नंबर के आधार पर ई-चालान जारी किया जाएगा। यही नहीं राजधानी में ई-चालान की कार्रवाई बढ़ाई जा रही है। अभी ट्रैफिक नियम तोड़ने वाली करीब 2500 गाड़ियों पर रोजाना कार्रवाई की जा रही है, जिसे बढ़ाकर 5000 की जाएगी। इसमें भी यदि 90 दिनों में जुर्माना जमा नहीं किया गया तो मामला कोर्ट में भेजा जाएगा। जुर्माने में ही वसूल डाले 14.44 करोड़
राज्य में चालानी कार्रवाई के मामले में रायपुर पहले स्थान पर है। यहां पिछले साल 1.42 लाख गाड़ियों पर चालानी कार्रवाई की गई। इनसे 14.44 करोड़ रुपए का जुर्माना वसूला गया। इसमें 94 हजार गाड़ियों का ई-चालान किया गया, जिनसे 10.81 करोड़ रुपए की वसूली हुई है। इसके बावजूद 49 हजार गाड़ियों का जुर्माना अब भी लंबित है। इन वाहन मालिकों को ई-चालान का मैसेज भेजा गया है और घर पर चालान की प्रति भी भेजी गई है, लेकिन उन्होंने भुगतान नहीं किया है। इनसे लगभग 5 करोड़ रुपए का जुर्माना वसूला जाना बाकी है। चौक-चौराहों पर हर साल 53 हजार गाड़ियों पर कार्रवाई
पुलिस पहले चौक-चौराहों पर गाड़ियां रोककर कार्रवाई करती थी, जो अब बंद कर दी गई है। पिछले साल 53 हजार गाड़ियों को सड़कों पर रोककर कार्रवाई की गई थी और उनसे 3.62 करोड़ रुपए का जुर्माना वसूला गया। अब पुलिस सिर्फ रात में तीन घंटे नशे में वाहन चलाने वालों और तीन सवारी बैठाने वालों पर कार्रवाई करेगी। मौके पर जुर्माना नहीं किया जाएगा, बल्कि फोटो-वीडियो बनाकर कंट्रोल रूम भेजा जाएगा। वहां से ई-चालान जारी होगा। इसके लिए 28 चौक-चौराहों को चिह्नित किया गया है। हर साल 40% गाड़ियों के चालान लंबित : पुलिस के अनुसार हर साल औसतन 40 फीसदी चालान लंबित रह जाते हैं। लगातार रिमाइंडर, नोटिस और मैसेज के बाद भी लोग चालान जमा नहीं करते। ऐसे मामलों का निपटारा लोक अदालत के माध्यम से भी किया जा रहा है, जिससे लोगों को जुर्माने में राहत मिलती है। पिछले साल 53 फीसदी लोगों ने जुर्माना जमा नहीं किया। भास्कर एक्सपर्ट – प्रफुल्ल जोशी, ट्रैफिक एक्सपर्ट फोर्स की जिम्मेदारी तय की जाए
अच्छी पहल है कि चालानी कार्रवाई के लिए तकनीक का अधिक उपयोग किया जा रहा है क्योंकि पुलिस में आबादी के हिसाब से मैन पावर कम है। अब चौक-चौराहों पर पुलिस चालानी नहीं करेगी तो फोर्स का उपयोग ट्रैफिक सुधारने में कर सकते है। लेकिन इसके लिए सभी की जिम्मेदारी तय करनी होगी। सिपाही से लेकर डीसीपी की जिम्मेदारी व जवाबदेही तय होनी चाहिए कि कहीं ट्रैफिक जाम तो नहीं है। गाड़ियां की जाएंगी जब्त
चौक-चौराहों और सड़कों पर चालानी कार्रवाई बंद कर दी गई है। पुलिस अब ट्रैफिक सुधारने पर काम कर रही है। ई-चालान की कार्रवाई को बढ़ाया जा रहा है। आरटीओ के माध्यम से भी कार्रवाई की जाएगी। जिनका चालान सालों से लंबित है, उनकी गाड़ियां जब्त की जाएंगी। -डॉ. संजीव शुक्ला, कमिश्नर ऑफ पुलिस रायपुर


