नीमच सिटी में देश की प्रथम महिला शिक्षिका माता सावित्रीबाई फुले की 195वीं जयंती मनाई गई। यह कार्यक्रम नीमच सिटी स्थित सांवलिया सेठ मंदिर परिसर में फुलेरिया माली समाज नवयुवक मंडल द्वारा आयोजित किया गया। समाज के वरिष्ठ जनों और युवाओं ने माता सावित्रीबाई फुले के चित्र पर माल्यार्पण कर और दीप प्रज्ज्वलित कर उन्हें नमन किया। इस अवसर पर उनके द्वारा समाज सुधार और शिक्षा के क्षेत्र में दिए गए ऐतिहासिक योगदान को याद किया गया। फुलेरिया माली समाज नवयुवक मंडल के अध्यक्ष अनिल माली ने बताया कि कार्यक्रम में माता सावित्रीबाई फुले के संघर्षपूर्ण जीवन पर प्रकाश डाला गया। वक्ताओं ने अपने संबोधन में कहा कि सावित्रीबाई फुले ने ऐसे समय में महिला शिक्षा की अलख जगाई, जब बाल विवाह जैसी कुरीतियां समाज में व्याप्त थीं और महिलाओं का शिक्षित होना अत्यंत कठिन था। उन्होंने घर-घर और मोहल्ले-मोहल्ले जाकर बच्चियों को शिक्षित करने का संकल्प लिया और उसे पूरा किया। उन्हीं के मार्गदर्शन में देश के पहले बालिका स्कूल की स्थापना हुई। महिला सशक्तिकरण और शिक्षा के महत्व को आगे बढ़ाने में उनका योगदान अतुलनीय माना जाता है। इस कार्यक्रम में नवयुवक मंडल के पदाधिकारियों सहित समाज के कई गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।


