​​​​​​​साहिबगंज पहुंची सीबीआई की टीम:नींबू पहाड़ पहुंच अवैध खनन स्थलों का बारीकी से निरीक्षण किया

साहिबगंज जिले में कथित रूप से करीब 1250 करोड़ रुपए के अवैध पत्थर खनन की जांच को लेकर सीबीआई की टीम साहिबगंज पहुंच गई है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर रांची से आई सीबीआई की यह टीम मंगलवार की शाम जिले में पहुंची। जांच दल में पांच अधिकारी शामिल हैं, जिनका नेतृत्व डीएसपी स्तर के अधिकारी कुलदीप कुमार कर रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, सीबीआई की टीम तीन से चार दिनों तक साहिबगंज में रहकर अवैध खनन से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जांच करेगी। साथ ही अवैध रूप से निकाले गए खनिजों के आर्थिक मूल्यांकन का भी आकलन किया जाएगा। जब्त जलपोत का निरीक्षण किया बुधवार की सुबह लगभग 10 बजे सीबीआई की टीम सबसे पहले जिला खनन कार्यालय पहुंची, जहां से आवश्यक दस्तावेज प्राप्त किए गए। इसके बाद जिला खनन पदाधिकारी कृष्ण कुमार किस्कू को साथ लेकर टीम सकरी स्थित समदा गंगा घाट पहुंची, जहां ईडी द्वारा जब्त जलपोत (पानी का जहाज) का निरीक्षण किया गया और मौके पर मौजूद कर्मियों से पूछताछ की गई। इसके बाद सीबीआई की टीम नींबू पहाड़ पहुंची, जहां अवैध खनन स्थलों का बारीकी से निरीक्षण किया गया। इस दौरान टीम ने जिला खनन पदाधिकारी से आवश्यक जानकारी प्राप्त की। गौरतलब है कि हाईकोर्ट के आदेश के आलोक में की गई जांच के दौरान सीबीआई अब तक केवल साहिबगंज के नींबू पहाड़ क्षेत्र में लगभग 100 करोड़ रुपये के अवैध खनन की पुष्टि कर चुकी है, साथ ही इससे जुड़े वैज्ञानिक साक्ष्य भी एकत्र किए जा चुके हैं। सामने आए तथ्यों के बाद जांच का दायरा बढ़ा अब तक की जांच में नींबू पहाड़ में तीन व्यक्तियों द्वारा अवैध खनन किए जाने की पुष्टि हुई है। सीबीआई ने इस मामले की जांच विजय हांसदा द्वारा दर्ज कराई गई प्राथमिकी के आधार पर शुरू की थी, लेकिन जांच के दौरान सामने आए तथ्यों के बाद जांच का दायरा बढ़ा दिया गया। अब जांच के दायरे में न केवल अवैध खनन करने वाले, बल्कि उन्हें प्रशासनिक और राजनीतिक संरक्षण देने वाले लोग भी शामिल हैं। अब तक की कार्रवाई में सीबीआई ने साहिबगंज के तत्कालीन जिला खनन पदाधिकारी के ठिकानों पर छापेमारी कर दो करोड़ रुपए से अधिक की संपत्ति जब्त की है। उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार ने हाईकोर्ट के सीबीआई जांच आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। वर्ष 2024 में सुप्रीम कोर्ट ने आरोप पत्र दायर करने पर रोक लगाई थी, हालांकि जांच जारी रखने की अनुमति दी गई थी। बाद में वर्ष 2025 में सीबीआई ने आरोप पत्र पर लगी रोक हटाने की याचिका दायर की, जिस पर सुनवाई के बाद सुप्रीम कोर्ट ने रोक हटा ली। इसके बाद से सीबीआई ने जांच की गति तेज कर दी है। सुप्रीम कोर्ट के ताजा आदेश के बाद बुधवार से टीम एक बार फिर सक्रिय जांच में जुट गई है। उम्मीद जताई जा रही है कि इस बार जांच पूरी कर कोर्ट में अंतिम आरोप पत्र दाखिल किया जाएगा।

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