साहिबगंज जिले के बरहेट प्रखंड स्थित ऐतिहासिक गांव भोगनाडीह में ‘हूल दिवस’ के मौके पर सोमवार को आयोजित विशेष कार्यक्रम से पहले जमकर बवाल हुआ। देर रात सिदो कान्हू मुर्मू हूल फाउंडेशन के समर्थकों ने प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। आरोप है कि प्रशासन ने रात के वक्त कार्यक्रम स्थल का पंडाल जबरन खोल दिया, जिससे नाराज फाउंडेशन के समर्थकों ने विरोध शुरू कर दिया। लाठी चार्ज किया, आंसू गैस छोड़े गए विरोध प्रदर्शन तेज होते ही हालात बेकाबू हो गए। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज कर दिया। इसके साथ ही आंसू गैस के गोले भी छोड़े गए। इस झड़प में तीन जवान घायल हो गए हैं। इसके अलावा कई ग्रामीणों को भी चोटें आई हैं। घायलों का इलाज बरहेट सीएचसी में चल रहा है। घटना की जानकारी मिलते ही साहिबगंज उपायुक्त हेमंत सती मौके पर पहुंचे और स्थिति को संभालने की कोशिश की। मौके पर भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई है। प्रशासन और फाउंडेशन समर्थकों के बीच तनातनी अभी भी बनी हुई है। पूर्व सीएम चंपाई सोरेन कार्यक्रम के मुख्य अतिथि फाउंडेशन के समर्थकों का कहना है कि हर साल की तरह इस बार भी वे हूल दिवस पर कार्यक्रम कर रहे थे। लेकिन प्रशासन ने उनकी अनुमति को दरकिनार कर देर रात पंडाल हटा दिया। इसी बात को लेकर आक्रोश फूटा। गौरतलब है कि भोगनाडीह हूल दिवस का ऐतिहासिक स्थल है, जहां 1855 में सिदो-कान्हू ने ब्रिटिश हुकूमत के खिलाफ बिगुल फूंका था। हर साल 30 जून को यहां भव्य कार्यक्रम होता है। इस बार कार्यक्रम में झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन के मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल होने की संभावना थी। लेकिन ताजा हालात को देखते हुए यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि कार्यक्रम होगा या रद्द किया जाएगा।


