बड़वानी जिले के अंजड नगर के सिंगणबारी क्षेत्र में मृत गोवंश और मुर्गियों के अपशिष्ट खुले में फेंके जाने से स्थानीय निवासियों के स्वास्थ्य पर खतरा मंडरा रहा है। इस समस्या के कारण पूरे क्षेत्र में लगातार दुर्गंध फैल रही है, जिससे राहगीरों और आसपास के लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों में इस स्थिति को लेकर गहरा आक्रोश है और वे दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। स्थानीय निवासियों, जिनमें गणेश और ललित भी शामिल हैं, ने बताया कि कुछ पशुपालक मृत गोवंश के शवों को बोरे में भरकर या सीधे ही सिंगणबारी क्षेत्र में खुले में फेंक देते हैं। इसी तरह, कुछ मुर्गा-मुर्गी व्यवसायी भी मुर्गियों के अपशिष्ट को खुलेआम इसी जगह डाल देते हैं। इसके परिणामस्वरूप क्षेत्र में हमेशा बदबू बनी रहती है। इन अपशिष्ट पदार्थों को खाने के लिए कुत्तों के बड़े-बड़े झुंड भी यहां-वहां घूमते रहते हैं, जो कभी भी मानव जीवन के लिए खतरनाक साबित हो सकते हैं। स्थानीय निवासी गणेश ने बताया कि मृत गोवंश के शव को दफनाने के लिए गड्ढा खोदने हेतु नगर परिषद को राशि देनी पड़ती है। इसी लागत से बचने के लिए कुछ पशुपालक अपनी जिम्मेदारी से भागते हुए मृत मवेशियों के शवों को खुले में फेंक देते हैं। नागरिकों ने प्रशासन से ऐसे लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों। स्थानीय स्तर पर यह भी बताया गया कि नगर परिषद को सूचना मिलने पर वह जेसीबी मशीन और ट्रैक्टर जैसे संसाधनों से मृत गोवंश के शवों का निपटान करती है। हालांकि, लोगों का कहना है कि नियमित निगरानी और सख्त कदम न उठाए जाने के कारण यह समस्या बार-बार सामने आती है। क्षेत्रवासियों ने प्रशासन से सिंगणबारी क्षेत्र में निगरानी बढ़ाने और मृत मवेशियों के शव व मुर्गा-मुर्गियों के अपशिष्ट फेंकने वालों की पहचान कर उनके खिलाफ उचित कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की है। इस संबंध में नगर पालिका अध्यक्ष मांगीलाल ने बताया कि लोगों की लगातार शिकायत मिल रही है। नगर परिषद की आगामी बैठक में इसको लेकर स्थानीय समाधान निकाला जाएगा।


