वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस ट्रेन के मेंटेनेंस के लिए रेलवे महू में कवर्ड शेड बनाएगा। यहां दो नई पिटलाइन भी बनेगी। रेलवे के अनुसार इसका काम इसी साल शुरू किया जाएगा। जल्द से जल्द काम पूरा करने का टारगेट रहेगा। अब इंदौर से न सिर्फ अलग-अलग रूट पर वंदे भारत एक्सप्रेस स्लीपर ट्रेन चलाई जा सकेंगी, बल्कि इनका मेंटेनेंस भी यहीं होगा। सिंहस्थ को लेकर रेलवे का यह एक महत्वपूर्ण कदम होगा, क्योंकि सिंहस्थ में रेलवे देशभर से 300 से ज्यादा ट्रेन उज्जैन, इंदौर, महू के लिए चलाएगा। रेलवे के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि महू में वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस ट्रेन के लिए कवर्ड शेड और दो पिटलाइन को मंजूरी मिल गई है। महू में रेलवे के पास काफी जगह है, इसलिए इस जगह को फाइनल किया गया है। वंदे भारत के लिए सभी हाईटेक मशीनरी और सिस्टम यहां लगाया जाएगा। इसका फायदा आने वाले समय में न सिर्फ इंदौर, महू, उज्जैन, बल्कि रतलाम रेल मंडल को भी मिलेगा। इंदौर-नागपुर वंदे भारत एक्सप्रेस का मेंटेनेंस भी यहीं
फिलहाल इंदौर से नागपुर के लिए वंदे भारत एक्सप्रेस चल रही है। इस ट्रेन में एसी चेयरकार और एग्जीक्यूटिव क्लास की सीटें हैं। इसका मेंटेनेंस भी रेलवे इंदौर में कर रहा है। आने वाले समय में इंदौर-महू दोनों जगहों पर मेंटेनेंस हो सकेगा। पुणे, दिल्ली, मुंबई और हावड़ा रूट के लिए लगातार मांग उठ रही
इंदौर से पुणे, दिल्ली, मुंबई, हावड़ा के लिए लगातार स्लीपर वंदे भारत एक्सप्रेस चलाने की मांग की जा रही है। जब मेंटेनेंस के लिए कवर्ड शेड और पिटलाइन बन जाएगी तो ज्यादा से ज्यादा ट्रेनें इंदौर से चलाई जा सकेंगी। 2028 में सिंहस्थ भी है, ऐसे में नई ट्रेनों का संचालन का रास्ता भी साफ होगा। जिस भी शहर से ट्रेन चली है, अब मेंटेनेंस भी वहीं किया जाएगा
रेलवे महू में मेंटेनेंस के लिए कवर्ड शेड और पिटलाइन बना रहा है। अभी भी नई ट्रेन का संचालन संभव है। इंदौर में प्लेटफॉर्म रिटर्न ट्रेनों का संचालन होगा, यानी ट्रेन इंदौर आकर वापस प्लेटफॉर्म से ही लौट जाएगी। जिस भी शहर से ट्रेन चली है, मेंटेनेंस भी वहीं होगा। -नागेश नामजोशी, रेलवे एक्सपर्ट


