भाजपा के पूर्व विधायक और राज्यमंत्री दर्जा प्राप्त सहरिया विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष सीताराम आदिवासी ने कांग्रेस छोड़कर भाजपा में आए पूर्व मंत्री रामनिवास रावत के कारण शासन-प्रशासन द्वारा उपेक्षा किए जाने और सरकार द्वारा सहरिया विकास प्राधिकरण को बजट नहीं देने का आरोप लगाया है। रामनिवास ने कहा कि भाजपा द्वारा सहरियाओं की उपेक्षा करने के कारण ही विजयपुर, जौरा, बमौरी समेत 10 से 15 सीटें हारी है। फिर भी सहरिया प्राधिकरण को बजट नहीं दिया जा रहा, जबकि रामनिवास से जुड़े हर प्रस्ताव पर फौरन दस्तखत हो जाते हैं। सीताराम आदिवासी का आरोप- रावत के कारण प्रशासन उपेक्षा कर रहा, रामनिवास बोले – सरकार और पार्टी संगठन में बात करें, मैं प्रशासन नहीं हूं सोलर प्लांट के नाम पर आदिवासियों की जमीन हड़पी जा रही सीताराम ने कहा रामनिवास जनता का कोई काम नहीं करते, सिर्फ जमीन के पीछे पड़े रहते हैं। सोलर प्लांट के नाम पर आदिवासियों की जमीन छीनने की कोशिश हो रही है। रामनिवास को मुख्यमंत्री का पूरा संरक्षण हासिल है। मुख्यमंत्री को किसी एक व्यक्ति के भरोसे नहीं रहना चाहिए, इससे भाजपा की छवि खराब हो रही है। सीताराम आदिवासी ने कहा कि मैंने मुख्यमंत्री को भी अपनी पीड़ा बताई, लेकिन उन्होंने मुझसे कहा कि तुमने ही उपचुनाव हराया है। सीताराम ने कहा कि हो सकता है रामनिवास ने ही सीएम को भड़काया हो। जब मुख्यमंत्री खुद दस बार क्षेत्र में गए, तो हार का ठीकरा मेरे सिर क्यों फोड़ा जा रहा है। आदिवासी ने बेहद तल्ख लहजे में कहा कि मैं वर्तमान में मंत्री हूं, जबकि रामनिवास रावत किसी पद पर नहीं हैं। इसके बावजूद मुख्यमंत्री, कलेक्टर और प्रभारी मंत्री सभी रावत को ही प्राथमिकता दे रहे हैं। मंत्री हूं, फिर भी बैठक में नहीं बुलाते ^मैं वर्तमान में मंत्री हूं। इसके बावजूद ना तो उन्हें बैठकों में बुलाया जा रहा और न ही कोई सम्मान दिया जा रहा है। जबकि रावत को हर स्तर पर तवज्जो मिल रही है। सीताराम ने चेतावनी देते हुए कहा कि मैं पार्टी में रहकर काम करना चाहता हूं, लेकिन मेरे साथ ही पूरे आदिवासी समाज की उपेक्षा की जा रही है, ऐसी राजनीति से पार्टी को भविष्य में भारी नुकसान हो सकता है।
-सीताराम आदिवासी, राज्यमंत्री दर्जा प्राप्त मेरा तो सीताराम से कोई विवाद नहीं है प्रशासन उनकी उपेक्षा कर रहा है, तो उन्हें इस संबंध में सरकार और भाजपा संगठन में ऊपर अपनी बात करनी चाहिए। मैं तो प्रशासन में हूं नहीं, इसलिए मुझ पर आरोप लगाना बेबुनियाद है। मेरा तो उनसे कोई विवाद भी नहीं हुआ है। सीताराम आदिवासी कल प्रशासन की बैठक में आमंत्रित थे या नहीं इसकी जानकारी मुझे नहीं हैं।
– रामनिवास रावत, पूर्व मंत्री व पूर्व विधायक विजयपुर


