सिरसा में लंबे समय तक सेवाएं दे चुके सस्पेंड तहसीलदार भुवनेश कुमार की सड़क हादसे में मौत हो गई। वे सिरसा से चंडीगढ़ के लिए ऑनलाइन टैक्सी में रवाना हुए थे, लेकिन पटियाला के पास रात 9 बजे ट्रक ने टक्कर मार दी। जानकारी के मुताबिक, भुवनेश कुमार मूलरूप से फतेहाबाद के रहने वाले थे। काफी समय तक वह सिरसा तहसील में कार्यरत रहे। सिरसा में भी उनका मकान था और यहां पर रिश्तेदारियां भी है। उनके बहनोई प्रेम कुमार ने इसी पुष्टि की है। टायर पंचर होने पर साइड में खड़े थे बताया जा रहा है कि भुवनेश कुमार की गाड़ी खराब हो रखी थी। इसलिए ऑनलाइन गाड़ी बुक की थी, उसी में सवार होकर सिरसा से चंडीगढ़ के लिए निकले थे। वहां से आते समय रास्ते में रात करीब 9 बजे पंजाब के पटियाला के पास गाड़ी का टायर पंचर हो गया। ऐसे में वह और उनके साथ एक अन्य सिरसा के मीरपुर निवासी दोनों गाड़ी से नीचे उतर गए और सड़क पर साइड में खड़े थे। तभी ट्रक ने उनकी गाड़ी और उनको टक्कर मार दी, जिस कारण वह दोनों घायल हो गए। इसके बाद उनको नजदीकी अस्पताल में ले जाया गया, जहां पर दोनों की मौत हो गई। हालांकि मीरपुर निवासी व्यक्ति का नाम पता नहीं चल पाया है। कांग्रेस विधायक ने लगाए थे भ्रष्टाचार के आरोप कांग्रेस विधायक गोकुल सेतिया ने 30 जून सोमवार को अपने फेसबुक अकाउंट पर तहसीलदार से जुड़ा वीडियो शेयर किया था, जिसे ट्रेलर वन नाम दिया था। इसके 2 दिन बाद एक और तीन नए वीडियो शेयर किए थे, जिन्हें उन्होंने “ट्रेलर टू” नाम दिया था। इससे एक दिन पहले रविवार को विधायक सेतिया ने फेसबुक पर लाइव आकर जिला परिषद के सीईओ डॉ. सुभाष पर गांवों की गलियों की सफाई के कार्य न करवाने पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए थे। तहसीलदार के साथ प्यून भी हुआ था सस्पेंड जानकारी के अनुसार, कांग्रेस विधायक की शिकायत के बाद तहसीलदार भुवनेश को सस्पेंड करने के बाद सरकार ने डीआरओ को तहसीलदार का चार्ज दिया था। लेकिन DRO संजय चौधरी ने नायब तहसीलदार सुभाष चंद्र को चार्ज दे दिया था। तब से सस्पेंड किए जाने के बाद भुवनेश को चंडीगढ अटैच कर दिया था। वहीं तहसीलदार के साथ वीडियो में नजर आने वाले प्यून (सेवादार) देवीलाल को भी सस्पेंड कर ऐलनाबाद में अटैच कर दिया था। ऑफिस में कैमरा लगाने की जांच नहीं हुई पूरी जानकारी के मुताबिक, तहसील ऑफिस में किसी ने हिडन कैमरा लगाया था, जिसमें वीडियो के साथ ऑडियो रिकॉर्डर भी था। ऐसी जगह कैमरा लगाया गया, जिसका पूरा फोकस तहसीलदार सीट पर था। अभी तक इसकी प्रशासन जांच पूरी नहीं कर पाया है। ऑफिस में कोई सीसीटीवी कैमरा नहीं। ऑफिस के बाहर भी गैलरी में एक सीसीटीवी लगा है।


