सिरोंज में भगवान श्रीराम पर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी का मामला गरमा गया है। 3 जनवरी को भीम आर्मी द्वारा आयोजित जनसभा को लेकर अब अभिभाषक संघ खुलकर सामने आ गया है। संघ ने कलेक्टर से मुलाकात कर एक ज्ञापन सौंपा है, जिसमें जनसभा के आयोजक, वक्ता और सह-आयोजकों के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत सख्त कार्रवाई और शीघ्र गिरफ्तारी की मांग की गई है। अभिभाषक संघ का कहना है कि प्रशासन द्वारा सभा की अनुमति नियम और शर्तों के तहत दी गई थी, लेकिन इन शर्तों का उल्लंघन किया गया। थाने के समीप लाउडस्पीकर का प्रयोग किया गया और ऐसे वक्तव्य दिए गए, जिनसे करोड़ों सनातनियों की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं। आयोजकों पर भी कार्रवाई की मांग
ज्ञापन में अधिवक्ताओं ने कहा कि भगवान श्रीराम सनातन धर्म की आत्मा हैं। उनके विरुद्ध की गई टिप्पणी समाज में आक्रोश, वैमनस्य और धार्मिक असहिष्णुता को बढ़ावा देने वाली है। यह आयोजन न केवल संविधान और कानून का उल्लंघन है, बल्कि समाज की एकता, शांति और सद्भाव पर भी प्रतिकूल प्रभाव डालने वाला है। अभिभाषकों ने निर्मल प्रभाकर (भीम आर्मी तहसील संयोजक, सिरोंज), प्रमुख आयोजक मंडली वक्ता (भीम आर्मी तहसील संयोजक एवं भीम आर्मी संगठन प्रमुख) तथा दीपक बौद्ध सहित अन्य संगठन से जुड़े लोगों और शेष सह-आयोजकों एवं सहयोगियों के विरुद्ध शीघ्र राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के अंतर्गत कार्रवाई करके गिरफ्तार करने की मांग की है। आरोपियों का कोई अधिवक्ता केस नहीं लड़ेगा
संघ ने यह भी निर्णय लिया है कि इस मामले में संबंधित आरोपियों का कोई भी अधिवक्ता केस नहीं लड़ेगा। अभिभाषक संघ के जिला अध्यक्ष संतोष शर्मा ने कहा कि भगवान राम पर की गई टिप्पणी ने करोड़ों सनातनियों की भावनाओं को ठेस पहुंचाई है। यदि प्रशासन ने तत्काल राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत कार्रवाई नहीं की, तो अभिभाषक संघ आंदोलन करेगा। अभिभाषक संघ ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई नहीं की गई, तो वे उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी।


