सिरोही जिले के चित्रकार रुस्तम अली अपने सेवा भाव और चित्रकला के प्रति समर्पण का अनूठा उदाहरण प्रस्तुत कर रहे हैं। 84 वर्षीय सेवानिवृत्त शिक्षक रुस्तम अली राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक स्कूल की दीवारों पर निशुल्क चित्रकारी कर रहे है। अपने जीवन के इस पड़ाव में भी वे बिना किसी शुल्क के विद्यालय के नवीन भवन की दीवारों पर जीवंत चित्र उकेर कर जीवन की सार्थकता सिद्ध कर रहे हैं। विद्यालय और बच्चों के प्रति उनका आत्मीय लगाव देखते ही बनता है। स्कूल के प्राचार्य हनवंत सिंह महेचा ने बताया कि रुस्तम अली पिछले चार-पांच वर्षों से विद्यालय में वैकल्पिक विषय चित्रकला का शिक्षण-प्रशिक्षण न्यूनतम मानदेय पर करवा रहे हैं। इससे कक्षा 11 और 12 की छात्राओं में चित्रकला विषय के प्रति रुचि लगातार बढ़ रही है। सरस्वती मां, लक्ष्मीबाई का बना चुके चित्र
हाल ही में उन्होंने लकड़ी के फ्रेम में मनमोहक सरस्वती मां की तस्वीर बनाई और कक्षा कक्ष की दीवार पर झांसी की रानी लक्ष्मीबाई का युद्ध भूमि में लड़ते हुए विशाल भित्ति चित्रण किया। वर्तमान में वे शीतकालीन अवकाश में महाराणा प्रताप का हल्दीघाटी युद्ध के लिए विदा होते हुए का चित्र बना रहे हैं, जिस पर वे सात-आठ दिनों से काम कर रहे हैं। इस प्रकार के चित्रों से विद्यालय की छात्राओं में भारतीय परंपरा, संस्कृति और गौरव के प्रति सम्मान का भाव पैदा होता है। विद्यालय परिवार के सभी कर्मचारियों और विद्यार्थियों ने रुस्तम अली के स्कूल के प्रति आत्मीय भाव के लिए कृतज्ञता व्यक्त की।


