योग गुरु स्वामी रामदेव के मार्गदर्शन में पतंजलि योग पीठ हरिद्वार में पांच दिवसीय जिला व तहसील प्रभारी और मुख्य योग शिक्षिका प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया। इसमें सिरोही जिले की पतंजलि महिला योग समिति के पदाधिकारियों ने भी भाग लिया। इस शिविर में देश भर से 2500 और प्रदेश से 200 महिलाओं ने हिस्सा लिया। जिले से पतंजलि महिला योग समिति की जिला प्रभारी पवन आर्य के नेतृत्व में पिंडवाड़ा एवं आबूरोड की तहसील प्रभारी भक्ति रावल और कृपा मोदी ने प्रशिक्षण प्राप्त किया। पतंजलि महिला योग समिति की जिला प्रभारी पवन आर्य ने बताया कि पतंजलि योग पीठ में पांच दिन तक अलग-अलग सत्रों में योग, आयुर्वेद, यज्ञ और भारतीय शिक्षा विषयों पर विशेषज्ञों ने विस्तृत जानकारी दी। शिविर के दौरान भारतीय शिक्षा बोर्ड के सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी एम.के. सिंह, अनुसंधानकर्ता वैज्ञानिक अनुराग वार्ष्णेय, केंद्रीय प्रभारी डॉ. देवप्रिया, आचार्य बालकृष्ण और केंद्रीय सोशल प्रभारी राकेश ने योग साधना, प्राणायाम, ध्यान, स्वास्थ्य संरक्षण के पारंपरिक आयुर्वेदिक सिद्धांतों और अध्यात्म के गूढ़ रहस्यों पर प्रशिक्षण दिया। प्रशिक्षण प्राप्त महिला योग शिक्षिकाओं ने न केवल ज्ञान अर्जित किया, बल्कि योग को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प भी दोहराया। आर्य ने बताया कि मुख्य योग शिक्षक का प्रशिक्षण प्राप्त ये शिक्षक अब जिले के हर घर तक योग, आयुर्वेद, स्वदेशी और भारतीय शिक्षा बोर्ड को पहुंचाने का काम करेंगे। इस दौरान जिले में योग कक्षाओं का आयोजन कर आमजन को जागरूक किया जाएगा। शिविर के अंतिम दिन योग गुरु स्वामी रामदेव ने अपने आशीर्वचन में कहा कि योग को सामाजिक परिवर्तन की शक्ति बनाने में महिलाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने प्रशिक्षित शिक्षिकाओं से अपने-अपने क्षेत्रों में योग और आयुर्वेद के प्रचार-प्रसार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने का आह्वान किया। स्वामी रामदेव ने योग के सूक्ष्म तत्वों, प्राणायाम की बारीकियों के साथ-साथ आयुर्वेद और भारतीय शिक्षा बोर्ड के साथ संगठन की कार्यपद्धति के बारे में भी जानकारी दी। इस अवसर पर उपस्थित प्रतिभागियों ने योग सेवा का संकल्प लिया और योग के माध्यम से अध्यात्म एवं सामाजिक जीवन में तालमेल स्थापित कर अच्छी सेहत वाले समाज का निर्माण करने में सहयोग करने का संकल्प दोहराया। योग गुरु स्वामी रामदेव ने सभी प्रतिभागियों को रुद्राक्ष माला, दुपट्टा पहना कर अपना आशीर्वाद दिया।


