सिरोही में चाइनीज मांझे पर प्रतिबंध की मांग:व्यापार महासंघ ने हस्ताक्षर अभियान शुरू किया, प्रशासन का समर्थन

सिरोही व्यापार महासंघ ने जिला प्रशासन से मकर संक्रांति के दौरान हादसों को रोकने के लिए चाइनीज और प्लास्टिक मांझे पर प्रतिबंध लगाने की मांग की है। इसके लिए एक हस्ताक्षर अभियान शुरू किया है। जिसमें लोगों से चाइनीज मांझा न खरीदने और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करने की प्रतिज्ञा करवाई जा रही है। सिरोही कोतवाली थाना अधिकारी कैलाशदान चारण ने भी इस हस्ताक्षर अभियान का समर्थन किया। उन्होंने शहर के सरजवाव दरवाजे के बाहर आयोजित कार्यक्रम में स्वयं हस्ताक्षर कर आम जनता को इस मुहिम से जुड़ने का संदेश दिया। हर साल मकर संक्रांति के दौरान चाइनीज मांझा बाइक सवारों, राहगीरों और पक्षियों के लिए खतरनाक साबित होता है। इसी खतरे को देखते हुए सिरोही व्यापार महासंघ के अध्यक्ष भरत कुमार माली ने मांझे पर पूर्ण प्रतिबंध की मांग को लेकर यह अभियान चलाया। इस पहल को सिरोही प्रशासन का भी समर्थन मिला है, जिससे यह मुहिम एक बड़े अभियान का रूप ले चुकी है। कोतवाली थाना अधिकारी ने इस विचार की सराहना करते हुए कहा कि त्योहार खुशियों का होना चाहिए, न कि दुख का। इस अभियान के अंतर्गत सिरोही व्यापार महासंघ द्वारा जागरूकता अभियान का आयोजन कर आम जनता को चाइनीज मांझे से होने वाले जानलेवा खतरे के प्रति जागरूक किया जा रहा है। साथ ही मांझा विक्रेताओं की दुकानों का निरीक्षण कर उन्हें चेतावनी दी जा रही है कि वे चाइनीज मांझा की बिक्री बंद करें। यदि वे आग्रह के बावजूद विक्रय जारी रखते हैं, तो उनके खिलाफ प्रशासन द्वारा कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उद्देश्य यह है कि बाजार में इस घातक मांझे की उपलब्धता पूरी तरह समाप्त की जा सके।

केंद्र एवं राज्य सरकार से जानलेवा चाइनीज मांझे के निर्माण, बिक्री एवं आयात पर पूर्ण प्रतिबंध की मांग की सिरोही व्यापार महासंघ के संरक्षक भरत डी छिपा ने केंद्र एवं राज्य सरकार से भी निवेदन किया है कि ऐसे जानलेवा मांझे के निर्माण, बिक्री एवं आयात पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाए। साथ ही चाइनीज मांझा बनाने वालों पर सख्त कार्रवाई हो ताकि इसका उत्पादन जड़ से समाप्त किया जा सके और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
सिरोही व्यापार महासंघ के महामंत्री नारायण लाल माली ने चाइनीज मांझे से होने वाले प्रमुख नुकसान बताये जिसमें:-
1. मानव जीवन को खतरा: यह अत्यंत धारदार होता है, जिससे राह चलते लोगों – विशेषकर दोपहिया वाहन चालकों की गर्दन या चेहरे पर गंभीर चोट लग सकती है, यहां तक कि मौत भी हो सकती है।
2. पक्षियों की हत्या: हजारों पक्षी हर साल इस मांझे की चपेट में आकर घायल या मारे जाते हैं।
3. वृक्षों एवं बिजली लाइनों को नुकसान: मांझा पेड़ों व हाई-टेंशन तारों में उलझकर आग, शॉर्ट सर्किट और अन्य दुर्घटनाएं पैदा करता है।
4. पर्यावरण को नुकसान: यह प्लास्टिक आधारित और गैर-बायोग्रेडेबल होता है, जो लंबे समय तक मिट्टी और जल को प्रदूषित करता है।
5. कानून का उल्लंघन: राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण (NGT) ने चाइनीज मांझे पर पहले ही प्रतिबंध लगाया हुआ है। इसके बावजूद इसका उपयोग दंडनीय अपराध है।
महामंत्री माली ने आम जनता से अपील की है कि वे इस अभियान में शामिल होकर न केवल इस जानलेवा मांझे का बहिष्कार करें, बल्कि अपने क्षेत्र में इसके खिलाफ सक्रिय भूमिका निभाएं।
सिरोही व्यापार महासंघ कोषाध्यक्ष रवि कुमार पटेल ने बताया कि चाइनीज और प्लास्टिक मांझे पक्षियों से लेकर इंसानों के लिए भी खतरनाक होते हैं। इसी लिए यह अभियान चलाया गया है। अभियान की शुरुआत कोतवाली थाना अधिकारी कैलाशदान चारण और सिरोही व्यापार महासंघ अध्यक्ष भरत कुमार माली के हस्ताक्षर से हुई इसके बाद शहर के सैकड़ों नागरिकों ने हस्ताक्षर कर चाइनीज एवं प्लास्टिक मांझे के उपयोग के विरोध में अपनी आवाज दर्ज कराई l
चाइनीज एवं प्लास्टिक मांझे पर प्रतिबंध हस्ताक्षर अभियान में ये रहे उपस्थित अध्यक्ष भरत कुमार माली, संरक्षक भरत डी छिपा, प्रशासनिक सचिव एवं विश्व हिन्दू परिषद प्रान्त सह धर्माचार्य सह सम्पर्क प्रमुख शिवलाल सुथार, सचिव मीठालाल माली, महामंत्री नारायणलाल माली, कोषाध्यक्ष रवि कुमार पटेल, सह कोषाध्यक्ष पण्डित प्यारेलाल, प्रचार मंत्री जितेन्द्र पटेल, परीक्षित डाबी, संगठन मंत्री सुरेश कुमार पटेल, व्यवस्था प्रमुख महेंद्र कुमार माली, प्रकाश माली भाजपा से रामलाल मेघवाल, भाजपा नगर से शैतान सेन, कार्तिक शर्मा, मानक लाल कुमावत, नेनाराम माली एवं ग्रामवासी मौजूद रहे।

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