रांची से करीब 65 किलोमीटर दूर सिल्ली वन क्षेत्र के कोचो पंचायत के मारदु गांव में बुधवार को उस समय अफरातफरी मच गई, जब अहले सुबह करीब 4:30 बजे एक बाघ अचानक पूरन चंद्र महतो के घर में घुस आया। इस घटना ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी। सूचना मिलते ही पुलिस और वन विभाग की टीमें सक्रिय हो गईं और करीब 13 घंटे की मशक्कत के बाद शाम 5:40 बजे बाघ को पिंजरे में कैद कर लिया गया। रेस्क्यू ऑपरेशन मुख्य वन संरक्षक (वन्य जीव) एसआर नटेश की निगरानी में पलामू, चतरा और ओरमांझी से आई वन विभाग की टीमें जुटीं। ऑपरेशन में ट्रेंकुलाइजर, पिंजरा, विशेष वैन और मेडिकल टीम भी शामिल थी। बच्ची के पीछे से घर में घुसा बाघ, टली अनहोनी खत्म हुआ खौफ… वन विभाग और पीटीआर की टीम ने पकड़ा
घटना के समय पूरन चंद्र महतो घर के बाहर टहल रहे थे, जबकि उनकी छोटी बेटी सोनिया कुमारी खाना बनाने की तैयारी कर रही थी। तभी अचानक बाघ उसके पीछे से घर में घुस आया। सोनिया चीख पड़ी। पूरन महतो दौड़े और घर के अंदर मौजूद अपने बेटे अजय और बेटी मनीका को खिड़की के रास्ते बाहर निकाल दिया। तत्परता दिखाते हुए उन्होंने दरवाजा बंद कर दिया और तुरंत वन विभाग को सूचना दी। वनरक्षक जयप्रकाश साहू मौके पर पहुंचे और स्थिति की गंभीरता को देखते हुए उच्चाधिकारियों को सूचित किया। इसके बाद ओरमांझी, चतरा और पलामू से रेस्क्यू टीमें पहुंचीं।


